भोपाल। मध्यप्रदेश के ब्रांडनेम रुचिग्रुप पर हुई आयकर कार्रवाई के दौरान खबर मिल रही है कि रुचि ग्रुप ने जो फर्जी 200 कंपनियां बनाई हैं वो सट्टा कारोबार को मीटआउट करने के लिए बनाई गईं थीं और इस कारोबार में ग्रुप ने भारी मुनाफा कमाया है।
आयकर सूत्रों का कहना है कि हालांकि छापे की खबर लीक हुई और नगदी गायब कर दिया गया जिसके चलते आयकर टीम को कोई मोटी रकम हाथ नहीं लगी लेकिन 200 ऐसी कंपनियों के दस्तावेज हाथ लग गए हैं जो पूरी तरह से फर्जी हैं एवं ऐसे एड्रेस से संचालित हैं जहां पर हमेशा ताला लगा होता है।
ताजा खबर मिल रही है कि आयकर की यह कार्रवाई वायदा आयोग की सिफारिश पर की गई है। वायदा आयोग का मानना है कि रुचिग्रुप ने खाद्य तेज एवं ग्वारगम के वायदा कारोबार में मोटी कमाई की है। इसके लिए आयोग ने अपने स्तर पर भी जांच कराई थी एवं उसके पास पुख्ता जानकारी होने के बाद उसने आयकर को इसकी सिफारिश की।