भोपाल। मध्यप्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में सिमी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की संभावित भूमिका को लेकर खुफिया विभाग सतर्क हो गया है। खूफिया विभाग द्वारा आशंका जताई जा रही है कि चुनाव के दौरान हिंसा की संभावना भी है। प्रदेश और देश की शीर्षस्थ खूफिया एजेंसी इन दिनों प्रदेश के प्रत्येक राजनीतिक और आसामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुये हैं।
इसी के साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव में किस राजनीतिक दल से कौन-कौन प्रत्याशी हो सकता है और उनके प्रमुख मुद्दे क्या हो सकते हैं को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। जहां-जहां सांप्रदायिक तनाव फैलने की संभावना है उन स्थानों पर विशेष नजर इन एजेंसियों द्वारा रखी जा रही है।
एक शीर्षस्थ गुप्तचर एजेंसी के प्रमुख अधिकारी ने बताया कि देश की सीमा पार और और भीतर घटित प्रमुख हिंसात्मक घटनाओं में प्रदेश के ऐसे तत्वों के आपराधिक चेहरे उजागर हुये हैं जो या तो सामाजिक तौर पर या राजनीतिक तौर पर अपने क्षेत्रों में प्रभावी माने जाते हैं। इसी के साथ ही भावुक चेहरों को भी अपराधिक और आतंकवाद से संबंधित प्रशिक्षणों का खुलासा हुआ है। जिसको लेकर आगामी चुनाव में ऐसे तत्वों से जुड़े लोगों की भूमिका से इंकार भी नहीं किया जा सकता है।
देश के शीर्षस्थ खूफिया विभाग के अधिकारी के अनुसवार मप्र इन दिनों कई राज्यों के खूंख्वार अपराधियों की शरण स्थली बना हुआ है और वे यहां आकर सामान्य तौर पर जीवन यापन कर रहे हैं। ये अपराधी एक ही जगह लंबे समय तक नहीं टिकते हैं, इनकी शरण स्थली कालेजों के छात्रों के निवास स्थल हैं। उक्त अधिकारी का कहना था कि प्रदेश के महानगरों में पढऩे वाले छात्रों को स्थानीय राजनीतिज्ञ अपनी प्रभाव में लेकर दुरूपयोग कर सकते हैं, जिसके कारण भी हिंसा की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।