भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल जिले की एक ग्राम पंचायत में विशेष बैठक के दौरान दबंग सरपंच ने एक दलित पंच की बेदर्दी से पिटाई लगी। पीड़ित पंच इसकी शिकायत लेकर अजाक थाने पहुंचा परंतु पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। यह खुलासा कांग्रेस के मीडिया प्रभारी माणक अग्रवाल ने किया है।
उन्होंने कहा कि भोपाल जिले के इस्लाम नगर में ग्राम पंचायत की विशेष बैठक में कल बुधवार को सरपंच रमाकांत मालवीय ने पंचायत में पारित प्रस्ताव के कारण पैदा हुए विवाद के चलते भरी पंचायत में पूर्व दलित पंच खुशीलाल धानक की बेरहमी से पिटाई कर डाली। पीडित दलित जब भोपाल के अजाक थाने में एफआईआर दर्ज कराने पहुंचा, तो उसकी एफआईआर नहीं लिखी गई और उसको जांच के लिए केवल तारीख देकर थाने से भगा दिया गया। बताया गया है कि सरपंच मालवीय के आतंक के कारण सारा गांव त्रस्त है। जो भी व्यक्ति उसके गलत कार्यों के खिलाफ आवाज उठाता है वह उसके साथ मारपीट पर उतारू हो जाता है। आपने पीडित की रिपोर्ट दर्ज करने और सरपंच को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।
श्री अग्रवाल ने कहा है कि सरपंच मालवीय के कामकाज को लेकर ग्रामीणों में भारी असंतोष व्याप्त है। गांव में पंचायत ने सड़कें नहीं बनवायी हैं। जो बनी हैं, वे गड्ढ़ों में तब्दील हो जाने से वहां नालियों का गंदा पानी भरा रहता है। गांव के तालाब पर भी सरपंच ने कब्जा कर रखा है। सारे विकास कार्य केवल कागजों पर हो रहे हैं। आपने कहा है कि ऐसे भ्रष्ट और आतंकी सरपंच के अत्याचार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए पीडित दलित को डीजीपी के पास अपनी फरियाद लेकर जाना पडे, यह अत्यंत शर्म की बात है। जब राजधानी से सटे गांव में दलितों की सुनवाई नहीं हो रही है तो कस्बों और गांवों में उनके साथ क्या बीत रही होगी, सहज कल्पना की जा सकती है। आपने डीजीपी से आग्रह किया है कि सामान्य थानों और अजाक थानों को वे सख्त निर्देश जारी करें कि वे पीडित आदिवासियों और दलितों की रिपोर्ट लिखें और उन्हें आवश्यक सुरक्षा भी मुहैया करायें।