शहडोल। यहां से हंगामेदार लापरवाही प्रकाश में आई है। कमिश्नर द्वारा किए गए एक औचक निरीक्षण के दौरान लगभग पूरा का पूरा स्टाफ ही गायब मिला। सब के सब बिना किसी सूचना के गायब थे और उन्होंने कोई अवकाश नहीं लिया था। कमिश्नर ने सभी 30 अनुपस्थित अधिकारी कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया है।
कमिश्नर शहडोल संभाग डी.पी. अहिरवार ने उनके पॉलीटेक्निक महाविद्यालय शहडोल के आकस्मिक निरीक्षण के समय कर्तव्य से अनुपस्थित पाये गये 30 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम- 10 (4) के तहत तीन-तीन वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोके जाने हेतु कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।
कमिश्नर द्वारा कार्यशाला निर्देशक बनवारीदास मौर्य, कार्यशाला निर्देशक आर.एस. पटेल, कार्यशाला निर्देशक श्री एम.जी. त्रिपाठी, मानचित्रकार श्री बी.एस. परस्ते, क्राप्ट इन्सट्रक्टर श्री विमल कुमार गुप्ता, मुख्य लिपिक पी.एल. पनिका, लेखा पाल ए.यू. खान, सहायक ग्रेट-2 रानी अर्गल, सहायक ग्रेट-3 लोकनाथ शुक्ला, सहायक ग्रेट-3 सुनील कुमार गुप्ता, स्टेनों टायपिस्ट चक्रेश कुमार अहरवाल, लाइब्रेरी लिपिक पुष्पेन्द्र सिंह दाहिया, लेब टेक्निशियन जी.एल. कोल, ड्रिलर अमृतलाल पनिका, सर्वे फिल्ड सहायक विनोद कुमार सिंह, प्रयोग शाला टेक्निशियन एम.एम. मिश्रा, लेब टेक्निशियन राम प्रसाद पनिका, विद्युतकार बी.एल. विश्वकर्मा, इन्स्ट्रमेन्ट रिपेयर आर.के. मिश्रा, कर्मशाला मजदूर लल्लू सिंह, भृत्य श्रीमती राजबती, राम जतन पटेल, सुरेन्द्र प्रसाद वर्मा, छात्रावास सर्वेन्ट श्रीमती श्यामवती, स्वीपर किरण बाई एवं मीना मरकाम, फायरमेन श्यामलाल, रयोईया शांति बाई, छात्रावास परिचारक विजय जलवे एवं छात्रावास भृत्य श्री अजय कुमार वर्मा को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।