भोपाल। वो आमिर खान का सत्यमेव जयते तो याद ही होगा, जिसमें आमिर खान ने खुलासा किया था कि भूणलिंग परीक्षण के मामले में आज तक देश में एक भी डॉक्टर का लाइसेंस कैंसिल नहीं किया गया है। मध्यप्रदेश में यह रिकार्ड तोड़ दिया गया और तीन डॉक्टरों के लाइसेंस कैंसिल कर दिए गए।
मामला 2007 का है। तीन डॉक्टरों के सोनोग्राफी सेंटरों पर छापामार कार्रवाई कर दस्तावेज जब्त किए गए थे जिसमें रिकॉर्ड में भारी अनियमिता पाई गई थी, जिसके बाद मामला मेडिकल काउंसिल को सौंप दिया गया था। एमपी मेडिकल काउंसिल ने मामले की जांच कर तीनों डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया है।
यह निर्णय काउंसिल की इथिकल कमेटी में लिया गया है। मप्र मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉक्टर सीएम त्रिपाठी ने बताया कि डॉक्टर हरीश छाबड़ा, डॉक्टर मानवेन्द्र सिंह गिल, एवं डॉक्टर प्रेमलता बंसल का रजिस्ट्रेशन कैंसिल किया गया है। रजिस्टार ने बताया कि दवा कंपनियों से मोटी रकम लेकर विदेश यात्रा कर कर लोगों पर अवैध तरीके से ड्रग ट्रायल करने वाले डॉक्टरों के मामले की जांच अभी जारी है। इस मामले में भी जल्द ही फैसला किया जाएगा।