भोपाल। बीना न्यायालय में आज तत्काल न्याय का एक बेहतरीन उदाहरण पेश हुआ, जब न्यायालय ने छेड़छाड़ के एक मामले में मात्र 5 दिनों में फैसला सुना दिया। इस मामले में पुलिस ने भी तेजी दिखाई और तत्काल चालान पुटअप किया।
घटना को तारीखों के आइने में देखा जाए तो यह भारत की न्याय प्रक्रिया पर अटल विश्वास जमाने वाला होगा। कहते हैं कि देरी से मिला न्याय भी अन्याय के बराबर ही होता है, परंतु यदि न्याय तत्काल मिल जाए तो कितना बेहतर हो। ऐसा ही हुआ है बीना के एक मामले में।
14 जनवरी:- पथरिया गांव में 24 वर्षीय युवती के साथ वीरसिंह नामक युवक ने छेड़छाड़ की। युवती ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई।
21 जनवरी:- पुलिस ने जांच के बाद मामला दर्ज किया, तत्काल आरोपी को अरेस्ट किया और इसी दिन चालान न्यायालय में पेश कर दिया।
31 जनवरी:- मात्र 10 केलेण्डर दिवस और 5 कार्यदिवस के भीतर न्यायाधीश वर्ग 2 श्री आरके देवलिया ने इस मामले में अपना फैसला सुना दिया। उन्होंने इस मामले की प्रतिदिन सुनवाई की और दोषी पाए जाने पर आरोपी वीर सिंह को एक साल की सजा व 500 रुपए के जुर्माने से दण्डित कर दिया।
पूरे मध्यप्रदेश में पुलिस और न्यायालय की इस तेज कार्रवाई की मुक्तकंठ से प्रशंसा की जा रही है। यदि भारत में न्याय की प्रक्रिया इतनी ही तेज हो जाए तो तय मानिए भारत में रामराज्य वापस आने से कोई रोक नहीं पाएगा।