भोपाल। राजस्थान में जाकर भरी मीटिंग में राजस्थानी अधिकारियों को मध्यप्रदेश में घुसने नहीं देने की धमकी देने वाले आईएएस अधिकारी राधेश्याम जुलानिया के आंकड़ों को अंतत: राजस्थान सरकार ने भी स्वीकार कर लिया है। केबीनेट मंत्री ने स्वयं मीडिया के बीच आकर कहा कि हमारा मध्यप्रदेश से कोई विवाद नहीं है।
जयपुर से आ रही एक खबर में बताया गया है कि प्रदेश के जल संसाधन मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का कहना है कि मध्यप्रदेश के साथ पानी को लेकर हमारा कोई विवाद नहीं है तथा न ही मध्यप्रदेश ने राजस्थान के हिस्से का पानी रोक रखा है।
मुख्यमंत्री की ओर से बुधवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की समीक्षा किए जाने के बाद सिंह ने पत्रकारों को बताया कि यमुना के पानी के अलावा राजस्थान का किसी भी राज्य से कोई मतभेद नहीं है। सिंह ने पिछले दिनों दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच हुए विवाद को भी बिना वजह का बताया। सिंह ने बताया कि हालांकि मध्यप्रदेश ने चंबल पर कई जगह बांध बना रखे हैं, लेकिन राजस्थान को उसके हिस्से का पूरा पानी मिल रहा है।
तो फिर अधिकारी क्यों भिड़े
मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान का पानी को लेकर यदि किसी तरह का कोई विवाद नहीं है तो यह सवाल खड़ा हो गया है कि गत दिनों दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच क्यों झगड़ा हुआ। काबिलेगौर है कि गत दिनों मध्यप्रदेश-राजस्थान अंतर्राज्यीय नियंत्रण बोर्ड की बैठक में राज्य के सिंचित क्षेत्र विकास कार्यक्रम के प्रमुख सचिव संजय दीक्षित और मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव राधेश्याम जुलानिया के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान जुलानिया ने दीक्षित को मध्यप्रदेश में नहीं घुसने तक की चेतावनी दे डाली थी। उधर जुलानिया ने दीक्षित पर झगड़ालू प्रवृत्ति होने का आरोप लगाया था।