राज्य की 3500 किलोमीटर सड़कों का रिपोर्ट कार्ड भी बनवा लीजिए..

shailendra gupta
भोपाल। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अभिनेत्री हेमामालिनी को जर्जर सड़क से हुई तकलीफ से इतने विचलित हुए कि वे अपनी असफलताओं को छुपाने के लिए एक बार फिर केन्द्र सरकार के उपर ठीकरा फोड़ने जा रहे है लेकिन राज्य की 3500 किलोमीटर के जर्जर राज्यमार्गो से प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता बेहाल है उस की चिंता उन्हें बिल्कुल नहीं है।

श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जब केन्द्रीय मंत्री से राष्ट्रीय राजमार्गों की बात करें तो उन्हें यह भी प्रमाण पत्र सौंपे कि उनके अधीन राज्य के सभी राज्यमार्ग और अंदरूनी सड़कें बेहतर है।

नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह ने कहा कि भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री हेमामालिनी की लताड़ से मुख्यमंत्री और उनकी सरकार जिस तरह परेशान है चिंतित है उतने वे प्रदेश की जनता की तकलीफ से चिंतित नहीं है जो राज्य के राज्यमार्गों और अंदरूनी सड़कें की बेहद खराब हालात से बेहाल है।

श्री सिंह ने कहा कि स्वयं मुख्यंत्री ने सड़कों की समीक्षा बैठक में राज्यों की सड़कों के हालात को बेहद खराब पाया, मंत्रिमंडल की बैठक मे मंत्रियों ने राज्य के मार्गों की खराब हालत पर चिंता जताई। भोपाल के कलेक्टर ने सार्वजनिक तौर पर राजधानी में बनी सड़कों की गुणवत्ता को बदतर बतलाया।

श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले अपने हिस्से की सड़क सुधारने का काम देखें। सड़क पर सड़क छाप राजनीति करने से बचे क्योंकि वे एक प्रदेश के मुख्यमंत्री है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे केन्द्रीय मंत्री श्री सी.पी. जोशी को यह प्रमाण सौंपे कि उनके हिस्से की पूरे राज्य में सड़क बिल्कुल ठीक। प्रमाण पत्र सौंपे उसके बाद वे राष्ट्रीय राजमार्गों के बारे में बात करे।

तथ्य-


  1. मध्यप्रदेश के राज्यमार्गों की 3500 किलोमीटर सड़कें उखड़ी पड़ी हैं।
  2. वर्ष 2012-13 में केन्द्र सरकार ने 179 करोड़ 55 लाख की राशि राष्ट्रीय राज्यमार्गो के लिए दिए जिसमें से मात्र 15 करोड़ रूपये सरकार खर्च कर पाई।
  3. लोकनिर्माण विभाग की 40 फीसदी सड़के खराब हैं स्वयं विभाग की अपनी रिपोर्ट है।
  4. सड़कों पर तेरह सौ करोड़ रूपये की लागत से 247 पुल-पुलियां का निर्माण होना है लेकिन मात्र 50 पर मात्र शुरू हुआ।
  5. ग्रामीण सड़क प्राधिकरण क 58.62 करोड़ रूपये की लागत से 1242 सड़कों पर निर्माण कराना है लेकिन अभी तक 645 सड़कों पर ही काम शुरू हुआ।
  6. भाजपा की सांसद की 75 किलोमीटर का सफर 3 घंटे तय करना पड़ा। इससे पूरी सरकार चिंतित हो गई।
  7. स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा लोकनिर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में पाया - सड़क निर्माण के लिए 724 करोड़ में से 134 करोड़ रूपये लैप्स हो गए।
  8. चालीस प्रतिशत सड़क पैंच वर्ग का इंतजार कर रही है।
  9. मुख्यमंत्री राज्य सरकार के अधीन 2342 किलोमीटर सड़कों की वास्तविक स्थिति बताएं।
  10. कलेक्टर भोपाल ने राजधानी की सड़कों का निर्माण घटिया बताया इसका जिम्मेदार कौन मुख्यमंत्री जवाब दें।

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