संतुलन के लिए हिंदू 4 बच्चे पैदा करें: VHP की धर्मसंसद | NATIONAL NEWS

Saturday, November 25, 2017

बेंगलुरु। कर्नाटक के उडूपी में चल रही धर्म संसद में शनिवार को स्वामी गोविंददेव गिरी महाराज ने हिंदुओं की आबादी बढ़ाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जब तक यूनिफॉर्म सिविल कोड (सबके लिए एक नियम) लागू नहीं हो जाता है, हिंदू कम से कम 4 बच्चे पैदा करें। इससे देश में जनसंख्या के असंतुलन पर रोक लगाई जा सकेगी। स्वामी ने कहा कि सरकार दो बच्चों की पॉलिसी पर जोर दे रही है, लेकिन ये हिंदुओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। गोविंद देव हरिद्वार के भारत माता मंदिर के स्वामी हैं। विश्व हिंदू परिषद् की ओर से आयोजित धर्म संसद का रविवार को आखिरी दिन है।

जहां भी हिंदुओं की आबादी कम हुई, उस इलाके को खो दिया
स्वामी गोविंद देव ने कहा, ''जिन इलाकों में हिंदू आबादी कम हुई। वहां जनसंख्या में असंतुलन पैदा हुआ और भारत ने उस जगह को खो दिया। जब तक सरकार सभी के लिए अधिकतम 2 बच्चों की पॉलिसी लेकर नहीं आती है। हिंदुओं को कम से कम 4 बच्चे पैदा करने चाहिए। गौरक्षा के मुद्दे पर गोविंग देव ने कहा, ''गौरक्षक शांति प्रिय लोग हैं, आज उन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। गौरक्षा की आड़ लेकर कुछ अपराधी भी अपने मंसूबों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं।

साक्षी महाराज भी बता चुके हैं कितने बच्चे पैदा करें?
हिंदु संगठनों के कई नेता अपने समुदाय की आबादी को लेकर बयान दे चुके हैं। 2015 में उन्नाव के बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने भी हिंदू महिलाओं को नसीहत दी थी। उन्होंने कहा था, ''हर हिंदू महिला को 4 बच्चे जरूर पैदा करने चाहिए। इनमें से एक को देश की रक्षा के लिए सीमा पर भेजना, एक को साधु-संतों को देने चाहिए। भारत में 4 बीबियों और 40 बच्चों के चलन पर रोक लगेगी।''

धर्म संसद में कितने साधु-संत जुटे?
विश्व हिंदू परिषद् (VHP) ने उडूपी में तीन दिन तक चलने वाली धर्म संसद का आयोजन किया है। रविवार को इसका आखिरी दिन होगा। इस धार्मिक आयोजन में देशभर के करीब 2000 साधु-संत, मठों के प्रमुख और वीएचपी नेता शामिल हो रहे हैं।

क्यों बुलाई गई है धर्म संसद?
राम मंदिर बनाने, धर्म परिवर्तन पर रोक, गौरक्षा, छुआछूत को दूर करने और सामाजिक बदलाव के मुद्दे पर चर्चा के लिए वीएचपी ने उडूपी में धर्म संसद बुलाई है। 3 दिन चलने वाली संसद में समाज में जाति और लिंग के आधार पर भेदभाव को दूर करने के साथ हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए रास्ता निकाला जाएगा।

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