प्राथमिक शिक्षक भर्ती नियम 49 वालों को नौकरी की उम्मीद जगी, स्कूल शिक्षा मंत्री और लीगल ओपिनियन मांगा

Updesh Awasthee
भोपाल, 1 नवंबर 2026:
प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में नियम 49 की गड़बड़ी के कारण नियुक्ति से वंचित रह गए उम्मीदवारों के लिए गुड न्यूज़ है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने इस मामले में लीगल ओपिनियन मांगा है। इसलिए उम्मीदवारों को नौकरी की उम्मीद जग गई है। उम्मीद इसलिए भी है क्योंकि मामले में गलती उम्मीदवारों की नहीं है, शासन की है। 

MPESB के हिसाब से योग्य लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने रिजेक्ट कर दिया

दरअसल, प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 की भर्ती परीक्षा 2025 में मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से कराई गई थी। जब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किए गए तो विज्ञापन की अंतिम तारीख तक डीएलएड की डिग्री होना अनिवार्य होने का हवाला देते हुए विभाग ने उन अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने से मना कर दिया, जिनकी डिग्री विज्ञापन की अंतिम तारीख के बाद, लेकिन परीक्षा परिणाम आने से पहले पूरी हुई थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती में ऐसी शर्त नहीं थी। इसके बाद से वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के आश्वासन के बावजूद नियमों और संभावित कानूनी विवाद के चलते नियुक्ति का फैसला नहीं हो पाया। 

बोर्ड ऑफिस पर प्रदर्शन के बाद मांगा अभिमत

गुरुवार को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बाद मंत्री के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने महाधिवक्ता को पत्र लिखा है। इसमें पूरे मामले की परिस्थितियां बताते हुए पूछा गया है कि क्या मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जा सकती है। महाधिवक्ता की राय नियुक्ति के पक्ष में आती है तो करीब 147 अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी किए जा सकेंगे। वहीं, कानूनी विवाद की आशंका जताए जाने पर नियुक्ति नहीं देने का फैसला बरकरार रहेगा।

चक्काजाम के बाद डीपीआई पहुंचे अभ्यर्थी

प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों ने दो दिन पहले बोर्ड ऑफिस चौराहे पर चक्काजाम किया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें सख्ती से हटाया और कई घंटों तक थाने में रखने के बाद छोड़ दिया। अब अभ्यर्थियों का आंदोलन लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) पहुंच गया है। यहां अभ्यर्थी मौसम की मार से बचने के लिए शेड के नीचे कतार लगाकर बैठे रहे।

प्रदर्शनकारी बलराम परमार का कहना है कि अब आश्वासन नहीं, बल्कि नियुक्ति और जॉइनिंग पर ठोस फैसला चाहिए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि क्लॉज-49 और डीएलएड की पात्रता से जुड़े विवाद के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का भविष्य अधर में है। उनका सवाल है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में मेरिट और पात्रता के आधार पर चयन हुआ है तो नियुक्ति की प्रक्रिया अनिश्चितकाल तक क्यों रोकी जा रही है?

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!