इंदौर, 1 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश शासन के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक और प्रमाण सामने आया है। स्कूल में शौचालय के निर्माण में नियम के अनुसार कार्रवाई करने के बदले में रिश्वत मांगने वाले सब इंजीनियर को न्यायालय द्वारा 4 साल जेल की सजा सुनाई गई है।
शिक्षक मुकेश निहाले ने रिश्वतखोरी के खिलाफ लड़ाई जीती
शिकायतकर्ता मुकेश निहाले (प्राथमिक शिक्षक) शेगाव पुलिस थाना उन जिला खरगोन प्राथमिक स्कूल सोंन धुलघाटी झोपड़ी पाला सेंधवा जिला बड़वानी में शौचालय निर्माण कार्य का मूल्यांकन प्रमाण पत्र देने की एवज में आरोपी (भूपेंद्र पाटीदार उपयंत्री कार्यालय विकासखंड स्त्रोत समन्वयक जनपद शिक्षा केंद्र सेंधवा जिला बड़वानी) के द्वारा ₹20000 रिश्वत की मांग की गई। जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त कार्यालय में इंदौर में की गई सत्यापन उपरांत सही पाए जाने पर आरोपी को 25 अगस्त 2020 को ₹5000 रिश्वत लेते हुए रंग हाथों पकड़ा गया।
न्यायालय ने लोकायुक्त की इन्वेस्टीगेशन को सही माना
इन्वेस्टिगेशन के बाद इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस एवं अन्य गवाह और सबूत के आधार पर न्यायालय में यह बात प्रमाणित हो गई कि, आरोपी सब इंजीनियर द्वारा न केवल रिश्वत की मांग की गई थी बल्कि रिश्वत की रकम ₹5000 प्राप्त भी की गई थी। माननीय विशेष न्यायालय बड़वानी द्वारा आरोपी भूपेंद्र पाटीदार उपयंत्री को धारा 7 एवं 13 (1) बी 13(2) में 4-4 वर्ष का कारावास व 20-20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। रिपोर्ट: जगदीश विश्वकर्मा।

