धर्म एवं ज्योतिष न्यूज डेस्क, 2 अक्टूबर 2026: भारत के कई राज्यों में महालक्ष्मी पूजा, गज लक्ष्मी पूजा, हाथी पूजा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष महालक्ष्मी व्रत का आयोजन दिनांक 3 October 2025, दिन shaniwar को किया जाएगा। इस वर्ष लगभग 21 करोड़ सौभाग्यवती महिलाएं इस व्रत में शामिल होंगी। इस कारण इस व्रत की महिमा का अंदाजा आप लगा ही सकते हैं।
महालक्ष्मी पूजा, गज लक्ष्मी पूजा, हाथी पूजा की सबसे महत्वपूर्ण विधि
महालक्ष्मी व्रत में "16 बोल की कहानी" का भी विशेष महत्व माना जाता है, इस दिन 16 दिनों में 16 गांठों वाला धागा पहनकर,16 दिन चंद्रमा को अर्घ्य देकर, माता लक्ष्मी के समक्ष 16 दीपक प्रज्वलित कर "16 बोल की कहानी" कहानी सुनने एवं सुनाने का भी विशेष महत्व होता है। दिनांक 3 अक्टूबर 2026 को इस व्रत का समापन है, अलग-अलग परंपराओं के अनुसार कई सौभाग्यशाली महिलाएं इस व्रत को पूरे 16 दिन तक करती हैं एवं कई सौभाग्यशाली स्त्रियां इस व्रत को केवल 16वें दिन ही करती हैं।
श्री महालक्ष्मी व्रत-सोलह बोल की एक कहानी
अमोती दमोती रानी,
पोला पर ऊंचो सो परपाटन गांव,
जहां के राजा मगर सेन, दमयंती रानी,
कहे कहानी, सुनो हो महालक्ष्मी देवी रानी,
हम से कहते, तुम से सुनते,
सोलह बोल की एक कहानी।
अथवा
ऊँच नगर परपाटन गाँव,
जहाँ के राजा मंगलसेन,
अमोती-दमोती रानी,
ब्राह्मण बरुआ कहे कहानी।
सुनो हो महालक्ष्मी देवी रानी,
घी का दिया, पात की बाती,
हमसे कहती, तुमसे सुनती,
सोलह बोल की एक कहानी।
इस सोलह बोल को 16 बार दोहराना है। लेखक: शैली शर्मा।


