भोपाल, 28 अक्टूबर 2026: मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में वर्षों से अपनी सेवाएँ दे रहे अतिथि विद्वानों के भविष्य की सुरक्षा एवं स्थायित्व की दिशा में माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर एवं भारतीय मजदूर संघ के पहल पर अतिथि विद्वानों के प्रतिनिधिमंडल की प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार के साथ महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।बैठक में अतिथि विद्वानों के स्थायित्व,समायोजन तथा भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रभावी नीति लागू करने के विषय पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक का नेतृत्व भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री श्री कुलदीप सिंह गुर्जर एवं राष्ट्रीय मंत्री श्री अरविंद मिश्रा ने किया।बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री अनुपम राजन,आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा,मंत्री के निज सचिव श्री सतशुभ्र मिश्रा,श्री भरत व्यास,ओएसडी श्री सिरोठिया तथा अतिथि विद्वान महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.देवराज सिंह सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।महासंघ की ओर से प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ.आशीष पाण्डेय,प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ.अविनाश मिश्रा,महिला मोर्चा से डॉ. सपना श्रीवास्तव एवं डॉ. चेतना शर्मा ने भी सहभागिता की।
मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रियान्वयन पर जोर
बैठक का प्रमुख एजेंडा 10 जुलाई 2026 को रविंद्र भवन,भोपाल में आयोजित अतिथि विद्वान स्वागत सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार द्वारा की गई घोषणा को शीघ्र मूर्त रूप देना रहा।उक्त अवसर पर अतिथि विद्वानों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हरियाणा सरकार की नीति से बेहतर नीति लाने का आश्वासन दिया गया था।प्रतिनिधिमंडल ने इस घोषणा को शीघ्र लागू करने तथा वर्षों से सेवाएँ दे रहे अतिथि विद्वानों को स्थायित्व प्रदान करने की मांग प्रमुखता से रखी।
अतिथि विद्वानों की सेवा सुरक्षा पर सकारात्मक चर्चा
अतिथि विद्वान महासंघ के पदाधिकारियों के अनुसार, बैठक में मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों ने अतिथि विद्वानों की समस्याओं,उनकी दीर्घकालीन सेवाओं और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को गंभीरता से सुना।प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया कि अतिथि विद्वानों के भविष्य से जुड़ी चिंताओं के प्रति सरकार संवेदनशील है तथा मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के क्रियान्वयन की दिशा में सकारात्मक पहल की जाएगी।
महासंघ ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से नियमित पदों के विरुद्ध सेवाएँ दे रहे अतिथि विद्वानों को शीघ्र ही स्थायित्व एवं भविष्य की सुरक्षा प्रदान करने वाली ठोस नीति का लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में वर्षों से कार्यरत हजारों अतिथि विद्वानों में व्याप्त अनिश्चितता दूर होने की उम्मीद है।
महासंघ ने जताया आभार
अतिथि विद्वान महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. देवराज सिंह ने उच्च शिक्षा मंत्री,भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री श्री कुलदीप सिंह गुर्जर, राष्ट्रीय मंत्री श्री अरविंद मिश्रा तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल को समय देकर अतिथि विद्वानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनके हित में सकारात्मक निर्णय का भरोसा दिलाना सराहनीय है। महासंघ को पूर्ण उम्मीद है कि सरकार शीघ्र ही घोषित नीति का क्रियान्वयन करेगी,जिससे अतिथि विद्वानों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित होगी और वे सम्मान एवं निश्चिंतता के साथ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दे सकेंगे।
डॉ. देवराज सिंह
प्रदेश अध्यक्ष,अतिथि विद्वान महासंघ
मध्यप्रदेश

