सरकारी कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज़: लीव इनकैशमेंट 450 करने का प्रस्ताव, आठवां वेतनमान

Updesh Awasthee
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर 2026
: भारत सरकार की केंद्रीय कर्मचारियों और उन सभी राज्यों के सरकारी कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज़ है जहां केंद्र के समान पॉलिसी लागू की जा रही है। आठवां वेतन आयोग के तहत अवकाश के नकदीकरण की लिमिट को 300 से बढ़कर 450 करने का प्रस्ताव आया है। 

इसका फायदा रिटायरमेंट की समय होता है

सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के वक्त छुट्टियों के बदले लीव इनकैशमेंट के तौर पर नकद भुगतान किया जाता है, तो उनके लिए एक बड़ा वित्तीय सहारा होता है। 8वें वेतन आयोग में इसे लेकर भी एक अहम प्रस्ताव सामने आया है। 8वां वेतन आयोग इस वक्त केंद्र सरकार के कर्मचारियों, विभिन्न संगठनों और हितधारकों के साथ परामर्श दौर में है। अब उनके सामने लाए गए प्रस्ताव में 'लीव एनकैशमेंट' (छुट्टियों के बदले नकद भुगतान) की अधिकतम सीमा को मौजूदा 300 दिनों से बढ़ाकर 450 दिन करने का सुझाव दिया गया है ताकि रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को मिलने वाली एकमुश्त राशि में काफी बढ़ोतरी हो सके। 

लीव इनकैशमेंट का मतलब क्या है

'लीव इनकैशमेंट' या छुट्टियों के बदले नकद भुगतान एक ऐसी वित्तीय व्यवस्था है, जिसके तहत केंद्र सरकार के कर्मचारी अपनी उन जमा छुट्टियों के बदले पैसे पा सकते हैं, जिनका इस्तेमाल उन्होंने रिटायरमेंट के समय तक नहीं किया है। भारत में कई राज्यों की सरकारों द्वारा भी अपने कर्मचारियों को केंद्रीय नीति के अनुसार भुगतान किया जाता है।

मौजूदा नियमों के अनुसार, एक सरकारी कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल में अधिकतम 300 दिनों की अर्जित छुट्टी (Earned Leave / LAP) ही जमा कर सकता है। रिटायरमेंट के समय इन्हीं 300 दिनों के बदले नकद भुगतान किया जाता है। इसी लिमिट को बढ़ाकर 450 दिन करने का प्रस्ताव है, जिससे कर्मचारी 150 अतिरिक्त दिनों की छुट्टियों को नकद में बदल सकेंगे। इस राशि को कैलकुलेट रिटायरमेंट वाले महीने की लास्ट बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) को जोड़कर किया जाता है। यह रकम पूरी तरह से टैक्स फ्री है।

कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?

कई कर्मचारी अपने सेवाकाल में छुट्टियों को इस्तेमाल करने के बजाय उन्हें बचाकर रखते हैं ताकि रिटायरमेंट के वक्त उन्हें इनके बदले एकमुश्त रकम मिले, जिसका इस्तेमाल वे अपने भविष्य के निवेश, बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी या होम लोन चुकाने जैसे बड़े कामों के लिए करते हैं। अगर नए वेतन आयोग में इस सीमा को 300 दिन से बढ़ाकर 450 दिन कर दिया जाता है, तो ग्रेच्युटी और प्रोविडेंट फंड (PF) के साथ-साथ उन्हें मिलने वाले इस फंड में भी सीधे 50% का इजाफा होगा। 

इस बदलाव की मांग कई कर्मचारी यूनियनों और संगठनों द्वारा की जा रही है, जिनमें 'ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस' (AITUC) प्रमुख है।

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