ESB ने भोपाल के कैंडिडेट को नीमच में परीक्षा केंद्र दिया, जा ही नहीं पाया

Updesh Awasthee
भोपाल, 1 अक्टूबर 2026:
सरकारी नौकरी के लिए आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षा में मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल भोपाल को, उम्मीदवारों को तंग करने में पता नहीं क्या मजा आता है। भोपाल में रहने वाले उम्मीदवार को नीमच परीक्षा केंद्र दिया गया। एडमिट कार्ड भी दो दिन पहले जारी किया। रेलवे में रिजर्वेशन नहीं मिला और बस में भी जगह नहीं थी। तमाम तैयारी के बावजूद परीक्षा ही नहीं दे पाया। 

क्या अभ्यर्थियों के लिए नजदीकी परीक्षा केंद्र देना इतना मुश्किल है?

मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न विभागों के लिए आयोजित संयुक्त भर्ती परीक्षा समूह दो उप समूह चार के उम्मीदवार कल्याण सिंह परमार ने X पर केवल इतना लिखा कि, भोपाल में रहता हूँ और MP ESB ने परीक्षा केंद्र नीमच दे दिया। भोपाल से करीब 10 घंटे दूर, एडमिट कार्ड परीक्षा से महज 2 दिन पहले मिला। महीने के आखिर में आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं कि अचानक नीमच जाकर रहने, खाने और आने-जाने का खर्च उठा सकूं। ₹600 फीस भरी, सरकारी नौकरी के लिए महीनों मेहनत की, लेकिन #ESB की अव्यवस्थित परीक्षा व्यवस्था के कारण आज परीक्षा देने से ही वंचित रह गया। क्या अभ्यर्थियों के लिए नजदीकी परीक्षा केंद्र देना इतना मुश्किल है? 

MPESB आग में घी डाल रही है?

जब से भर्ती परीक्षाओं को ऑनलाइन किया गया है, तब से ऑनलाइन वाले टेक्निकल शब्दों का उपयोग करके मंत्रियों और प्रमुख पदों पर बैठे हुए नेताओं को बड़ी आसानी से ... बना लेते हैं। इसके कारण परीक्षा एजेंसी का काम तो आसान हो जाता है लेकिन आप खुद बताइए कि यदि कोई उम्मीदवार जिसने कई महीने परीक्षा की तैयारी की है। टाइम दिया, कोचिंग की फीस दी। MPESB को भी फीस दी। इस उम्मीद में कि उसे परीक्षा देने का मौका मिलेगा। यदि वह योग्य साबित हुआ तो सरकारी नौकरी भी मिलेगी। लेकिन यदि उम्मीदवार को परीक्षा देने से वंचित ही कर दिया जाए, तो क्या उसका आक्रोश मतदान केंद्र पर दिखाई नहीं देगा। क्या MPESB वाले सरकार के खिलाफ सुलग रही आग में घी डालने का काम कर रहे हैं।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!