71वें स्थापना दिवस पर बदला मध्यप्रदेश का परिदृश्य, सीएम मोहन ने संकल्प दोहराया

Updesh Awasthee
भोपाल, 31 अक्टूबर 2026:
मध्यप्रदेश अपने 71वें स्थापना दिवस (1 नवंबर 2026) के अवसर पर एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है। कभी बीमारू राज्य की श्रेणी में गिना जाने वाला मध्यप्रदेश आज "विरासत का गौरव और विकास की नई उड़ान" के मूल मंत्र के साथ देश-विदेश में अपनी नई पहचान बना रहा है। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए सामूहिक संकल्प और जनभागीदारी के बल पर एक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण का आह्वान किया है। 

विकास और समृद्धि की नई ऊर्जा

अपने स्थापना दिवस संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य में तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन, बढ़ती कृषि विकास दर और पर्यटन सुविधाओं में विस्तार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नया संबल दिया है। समृद्ध भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और असीम संभावनाओं को समेटे मध्यप्रदेश ने 71 वर्षों की अपनी यात्रा के बाद विकास की नित नई ऊँचाइयों को छुआ है। 

लाल परेड ग्राउंड पर कृषि नवाचारों का महासंगम

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह का सबसे प्रमुख आकर्षण भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाली कृषि केंद्रित भव्य प्रदर्शनी होगी, जिसका उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस प्रदर्शनी में लगभग 200 स्टॉल्स के माध्यम से उन्नत बीज, जैविक व प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि यंत्र, स्मार्ट सिंचाई तकनीकें और एग्री स्टार्टअप्स की झलक देखने को मिलेगी। लाल परेड ग्राउंड पर आधुनिक कृषि यंत्रों, सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों और समन्वित फसल प्रणाली का प्रत्यक्ष एवं सजीव प्रदर्शन किया जाएगा। 

'स्वाभिमान पर्व' क्विज के 165 विजेताओं को मिलेंगे ट्रैक्टर, बुलेट और ई-स्कूटर

किसानों को शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक करने और समृद्ध खेती से जोड़ने के उद्देश्य से वीर भारत न्यास के सहयोग से 'स्वाभिमान पर्व' राज्य स्तरीय ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता (29 जनवरी से 15 मार्च 2026) आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 40 हजार किसानों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। लॉटरी व मेरिट सूची के आधार पर 55 जिलों से कुल 165 विजेताओं का चयन किया गया है।
भव्य पुरस्कार वितरण: प्रत्येक जिले के विजेताओं को:
  • प्रथम पुरस्कार: 55 ट्रैक्टर
  • द्वितीय पुरस्कार: 55 बुलेट मोटरसाइकिल
  • तृतीय पुरस्कार: 55 ई-स्कूटर
भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विजेताओं को सम्मानित करेंगे, जबकि अन्य जिलों में प्रभारी मंत्रियों द्वारा पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। 

2-3 नवंबर को संगोष्ठी, 'स्वाद देशज व्यंजन मेला' और हस्तशिल्प

स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 2 एवं 3 नवंबर को कृषक भ्रमण सह प्रशिक्षण और संगोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें वैज्ञानिक व मास्टर ट्रेनर्स किसानों को आधुनिक कृषि का प्रशिक्षण देंगे। पशुपालन विभाग द्वारा उन्नत नस्ल के पशुओं और उद्यानिकी विभाग द्वारा फल, सब्जी व जी.आई. टैग (GI Tag) प्राप्त उत्पादों का प्रदर्शन होगा। प्रदेश के विभिन्न अंचलों के स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प और महिला उद्यमियों द्वारा तैयार सामग्री बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगी। 

'स्वाद देशज व्यंजन मेला' में आगंतुक प्रदेश के विविध अंचलों के पारंपरिक खानपान और श्रीअन्न (मोटे अनाज) से बने स्वदेशी व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। संगोष्ठी के दौरान आधुनिक यंत्रीकरण, नरवाई प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण, सहकारिता, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे प्रमुख विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श होगा।

'समृद्ध खेती-समृद्ध किसान' का संकल्प

उल्लेखनीय है कि 'किसान वर्ष 2026' के उत्कर्ष चरण में यह पूरा आयोजन 'समृद्ध खेती-समृद्ध किसान' की थीम पर केंद्रित रखा गया है। बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से ग्राम स्तर तक किसान रथ यात्राएं निकालकर और जिला स्तरीय संवाद सम्मेलनों के जरिए किसानों को नई तकनीकों व शासकीय योजनाओं से जोड़ा गया है। 
रिपोर्ट: आलोक शर्मा।
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