बड़वानी, 31 अक्टूबर 2026: बड़वानी के विशेष न्यायालय ने लोकायुक्त के एक भ्रष्टाचार प्रकरण में अहम निर्णय सुनाते हुए ग्राम पंचायत टाकली के तत्कालीन सचिव छतर सिंह गंगवाल और उनके भाई कुंवर सिंह गंगवाल को 10-10 वर्ष के कारावास तथा 5,000-5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं मामले में नामजद आरोपी तत्कालीन सरपंच प्यार सिंह को बरी कर दिया गया है।
छतर सिंह और कुंवर सिंह गंगवाल को 10-10 साल का कारावास और जुर्माना
विशेष न्यायालय बड़वानी द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को सुनाए गए निर्णय में ग्राम पंचायत टाकली (तहसील राजपुर, जिला बड़वानी) के तत्कालीन सचिव छतर सिंह गंगवाल और उनके भाई कुंवर सिंह गंगवाल को दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष की जेल और 5,000-5,000 रुपये के जुर्माने की सजा दी गई है। वहीं इसी प्रकरण में आरोपी बनाए गए तत्कालीन सरपंच प्यार सिंह को दोषमुक्त घोषित कर बरी किया गया है।
2017 में शुरू हुई थी कार्रवाई
विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय इंदौर को 13 जून 2017 को प्राप्त सूत्र सूचना के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। जांच के पश्चात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 17/2018 दर्ज किया गया, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)डी, 13(2) और भादवि (IPC) की धारा 419, 420, 467, 468, 471 तथा 120बी शामिल थीं।
2022 में पेश हुआ था चालान
लोकायुक्त पुलिस द्वारा प्रकरण का अनुसंधान पूर्ण करने के बाद 18 जुलाई 2022 को विशेष न्यायालय बड़वानी में चालान प्रस्तुत किया गया था। अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।

