भोपाल, 29 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री, मंत्री परिषद, मुख्य सचिव और डीजीपी सहित पूरी मध्यप्रदेश सरकार का यह निष्कर्ष है कि 3 आईएएस और 3 आईपीएस अधिकारी ऐसे हैं जो कलेक्टर एसपी जैसी पॉवरफुल पोस्टिंग के लायक नहीं हैं। इनको सरकार के खिलाफ संचालित होने वाले अभियानों को कंट्रोल करना नहीं आता। मीटिंग करते रहते हैं लेकिन फील्ड में क्या चल रहा है इसकी जानकारी नहीं लेते।किसान आंदोलन के कारण 2 आईएएस और 2 आईपीएस हटाए
नर्मदापुरम में किसान आंदोलन को नियंत्रित नहीं कर पाने के मामले में सोमेश मिश्रा IAS को कलेक्टर पद से हटाने के बाद राज्य सरकार ने साईकृष्ण एस. थोटा (भा.पु.से. 2014) को पुलिस अधीक्षक पद से हटा दिया है। श्री शशांक (भा.पु.से. 2019) भी इस लिस्ट में शामिल हैं। उनको हरदा एसपी के पद से हटा दिया गया है। इससे पहले सिद्धार्थ जैन (IAS 2016) को हरदा के कलेक्टर पद से हटाया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि, दो महीने पहले हरदा और नर्मदापुरम के किसान प्रदर्शन करते हुए भोपाल पहुंच गए थे। उन्होंने भोपाल की 250 कॉलोनी के रोड ब्लॉक कर दिए थे। हाईवे ब्लॉक कर दिया था। यहां तक की बढ़ाते हुए सीएम हाउस के आसपास तक पहुंच गए थे। स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी और नेशनल मीडिया में सरकार की व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए गए थे।
केन-बेतवा आंदोलन के कारण उषा परमार और निवेदिता नायडू
कुछ ऐसी ही स्थिति, केन-बेतवा प्रोजेक्ट मामले की भी है। विरोध में किसानों को समझाने में नाकाम रहने पर सरकार पहले ही उषा परमार आईएएस को पन्ना कलेक्टर पद से को हटाया जा चुका है। अब निवेदिता नायडू आईपीएएस को भी एसपी के पद से हटा दिया गया है।
जहरीली शराब कांड में 4 IAS-IPS
इस प्रक्रिया में सागर और देवास के मामले भी जोड़ सकते हैं। जहरीली शराब मामले में प्रतिभा पाल (IAS 2012) को सागर कलेक्टर के पद से और अनुराग सुजानिया IPS 2014 कुछ सागर के पुलिस अधीक्षक पद से हटा दिया गया था। हाल ही में देवास का मामला सामने आने के बाद ऋतुराज सिंह IAS 2015 देवास कलेक्टर और पुनीत गहलोत IPS 2017 को देवास पुलिस अधीक्षक पद से हटा दिया गया है।
