नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026: सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक के रूप में विचार रखते हुए अमृता फडणवीस ने कहा है कि गरबा और नवरात्रि जैसे विश्व प्रसिद्ध उत्सवों में जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति आस्था और श्रद्धा के साथ अपने परिवार के साथ इन त्योहारों में शामिल होना चाहता है, उसका स्वागत किया जाना चाहिए।
अमृता फडणवीस ने अपने इस रुख को दोहराया है कि यदि मुस्लिम समुदाय के लोग नवरात्रि आयोजनों में शामिल होना चाहते हैं, तो इस पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि एक नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर अपनी बात रख रही हैं। उनके अनुसार, यदि अपने धर्म को बढ़ावा देना है, तो पूरी दुनिया के सामने इसके अनूठेपन को खोलना होगा। यह उत्सव अन्य लोगों को हमारे धर्म और संस्कृति की एक झलक देने का एक बेहतरीन माध्यम है।

