भोपाल, 09 सितम्बर, 2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को विदेश प्रवास से भोपाल लौटने के उपरान्त, अपने घर नहीं गए बल्कि एयरपोर्ट स्थित स्टेट हेंगर से सीधे सागर पहुंचे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती अवैध शराब के सेवन से पीड़ितों एवं उनके परिजनों से मिले। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती पीड़ितों की कुशलक्षेम पूछी और ड्यूटी डॉक्टर्स से इनके इलाज के बारे में भी जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन सागर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की। पीड़ितों से मिलने और प्रशासन के साथ बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि, यहां जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए जो भी जिम्मेदार है, कठोर से कठोर कार्रवाई करें। इस मामले की जांच करने वाले अधिकारियों स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच के लिए किसी भी प्रकार के संरक्षण की आवश्यकता है तो मेरे कार्यालय से सीधे संपर्क करें।
CM डॉ मोहन यादव ने कहा कि, यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस तरह के जहरीले पदार्थ बनाने वालों को भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत फांसी की सजा का प्रावधान किया है। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद 30 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। विवेचना के दौरान यदि कोई नया नाम सामने आता है तो उसको भी शामिल किया जाएगा। यह मामला न्याय की ऐसी मिसाल बनेगा, कि लोग मध्य प्रदेश में, जीवन के लिए संकट वाले पदार्थों के निर्माण और विक्रय करने से पहले हजार बार सोचेंगे।
मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2021 की धारा 49-ए
उल्लेखनीय है कि, मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2021 की धारा 49-ए के तहत प्रावधान किया गया है कि यदि जहरीली शराब के सेवन से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो इस अपराध के लिये दोषी को आजीवन कारावास या मृत्युदंड और न्यूनतम 20 लाख रुपए तक का जुर्माना से दंडित किया जाएगा। यह प्रावधान भारत के कई राज्यों में नहीं है लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह से बंद करने के लिए यह संशोधन किया था।

