शिवपुरी से ललित मुद्गल: आजकल धरना-प्रदर्शन, आंदोलन और भूख हड़ताल का दौर चल रहा है। Gen Z और Gen Alpha को पब्लिक और मीडिया का गजब अटेंशन मिल रहा है। इसलिए लोग इस बात का फायदा भी उठा रहे हैं। एक प्राइवेट स्कूल संचालक ने, स्कूल टाइम में, 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को, उनके पैरेंट्स की अनुमति के बिना, अपने प्रोटेस्ट मार्च में शामिल कर लिया। ताकि मीडिया हेडलाइंस बन सके, कैरेक्टर ऑफिस का घेराव कर दिया ताकि कलेक्टर पर प्रेशर क्रिएट हो सके। यह सब कुछ इसलिए किया ताकि पड़ोसी से जो दीवार का विवाद चल रहा है, उसमें बुलडोजर की कार्रवाई हो जाए।
शिवपुरी शहर के वार्ड नंबर 39 में, न्यू दर्पण कॉलोनी में स्थित है सेंट लुइस पब्लिक स्कूल। स्कूल संचालक मुकुल श्रीवास का अपने पड़ोसियों से, को एक दीवार को लेकर विवाद चल रहा है। मुकुल का कहना है की दीवार, उनके स्कूल के रास्ते में बाधा बनी हुई है। इसको गिरा दिया जाना चाहिए। विवाद प्रशासन तक पहुंच चुका है और प्रशासन ने इस मामले में मुकुल को परामर्श दिया था कि यह एक सिविल विवाद है, इसका फैसला सिविल न्यायालय में ही हो सकता है। इस तरह के मामलों में प्रशासन के पास बुलडोजर की कार्रवाई की शक्ति नहीं होती, लेकिन मुकुल इस बात से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने ट्रेंड को देखते हुए एक नई रणनीति बनाई।
15 सितंबर 2026 मंगलवार को जनसुनवाई के अवसर पर अपने स्कूल के बच्चों को यूनिफॉर्म में लेकर पहुंच गए। पैरंट्स ने बच्चों को स्कूल में क्लास अटेंड करने के लिए, पढ़ाई करने के लिए भेजा था। स्कूल संचालकों ने प्रोटेस्ट में ले गए। यहां याद दिलाना जरूरी है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत, स्कूल क्लास के समय में कोई भी दूसरा काम नहीं किया जा सकता है। यहां तक की कलेक्टर स्वयं स्कूल क्लास के समय में, क्लास को डिस्टर्ब करके स्कूल का निरीक्षण नहीं कर सकते। लेकिन मुकुल महाराज ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव करवा दिया। मीडिया भी बुला ली थी। सोचा होगा कि Gen Alpha का प्रदर्शन होगा तो मीडिया का अटेंशन मिल जाएगा। जब यह प्रोटेस्ट टीवी पर रिलीज होगा तो भोपाल में सरकार पर प्रेशर बढ़ जाएगा। सरकार कलेक्टर को प्रेशर करेगी और कलेक्टर को बुलडोजर लेकर आना पड़ेगा।
आजकल ऐसा ही तो हो रहा है, कोई भी व्यक्ति किसी भी मुद्दे पर प्रोटेस्ट कर रहा है। उज्जैन में शिक्षकों ने अपना ट्रांसफर रुकवाने के लिए Gen Alpha से जबरदस्त प्रदर्शन करवा कर पूरे स्कूल का ही ट्रांसफर रुकवा दिया।बालाघाट में महाराष्ट्र से आए हुए लोगों को अपना और भोपाल से गए हुए लोगों को बाहरी बताया जा रहा है। मुआवजा की मांग के लिए पुलिस थाने पर पथराव किया जा रहा है। भर्ती परीक्षा खत्म हो जाने और रिजल्ट आ जाने के बाद, रिक्त पदों में वृद्धि के लिए प्रदर्शन किया जा रहा है और इसको अपना संवैधानिक अधिकार बताया जा रहा है। और यदि कोई सोशल मीडिया पर इस तरह की गतिविधियों पर सवाल उठा दे तो पूरी भीड़ अपना असली डीएनए दिखा देती है। बढ़ते बढ़ते बात यहां तक पहुंच गई है कि, पास पड़ोसियों के अतिक्रमण के विवाद को, Gen Alpha के प्रदर्शन से प्रेशराइज्ड करने की कोशिश की जा रही है।

