भोपाल, 16 सितंबर 2026: इंजीनियरिंग डे के दूसरे दिन गुड न्यूज़ आ रही है। ठेकेदारों को परेशान करने वाले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड खरगोन के कार्यपालन यंत्री (सिविल) श्री राहुल सूर्यवंशी को सस्पेंड करने की अनुशंसा कर दी गई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED), मध्य प्रदेश के प्रमुख अभियंता कार्यालय (जल भवन, भोपाल) द्वारा विभागीय ठेकेदारों की लंबित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
विभागीय कार्यों व भुगतानों के लिए तय की गई समय-सीमा:
16 सितंबर 2026 को यूनिफाइड इन्फ्राकॉन्ट्रेक्टर फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के बाद प्रमुख अभियंता संजय कुमार अंधवान द्वारा आदेश (क्रमांक 6965) जारी कर विभिन्न भुगतानों व विभागीय प्रक्रियाओं के लिए अनिवार्य समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है। वर्ष 2018-21 सहित अन्य लंबित पूर्ण योजनाओं, जिनका 'डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड' सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है, उनकी सिक्योरिटी डिपॉजिट एवं परफॉर्मेंस गारंटी का भुगतान अनुबंध के अनुसार आगामी 01 माह के भीतर किया जाएगा। नवीन, रेट्रोफिटिंग एवं पुनरीक्षित योजनाओं के भुगतानों हेतु कार्यपालन यंत्री द्वारा 03 दिवस के भीतर मासिक कार्ययोजना भेजी जाएगी, जिसके आधार पर तत्काल राशि उपलब्ध कराई जाएगी। ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित हो चुकी पूर्ण योजनाओं के अंतिम देयक अनुबंध अनुसार 02 माह की समयावधि में तैयार कर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
अनुबंधों की समयावृद्धि से जुड़े प्रकरणों का निराकरण कार्यपालन यंत्री तथा अधीक्षण यंत्री स्तर पर 15-15 दिवस के भीतर किया जाएगा। अतिरिक्त कार्यों की स्वीकृति के लिए पुनरीक्षण योजनाएं 01 माह में मुख्य अभियंता को प्रेषित की जाएंगी तथा ट्रायल रन पूर्ण होते ही योजनाएं जिला प्रशासन के समन्वय से ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जाएंगी। जनभागीदारी की रुकी राशि के भुगतान हेतु प्रकरण शासन एवं वित्त विभाग के समक्ष प्रक्रियाधीन है, जिसका शासनादेश प्राप्त होते ही कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर गाज: खरगोन कार्यपालन यंत्री के निलंबन की अनुशंसा
प्रतिनिधिमंडल की बैठक में ठेकेदारों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड खरगोन के कार्यपालन यंत्री (सिविल) श्री राहुल सूर्यवंशी द्वारा फील्ड कार्यों में बाधा उत्पन्न की जा रही है और असहयोग के कारण ठेकेदारों के सामने गहरा आर्थिक व प्रशासनिक संकट उत्पन्न हो गया है। कर्तव्यों की निरंतर अवहेलना और ठेकेदारों में व्याप्त भारी रोष को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख अभियंता ने म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत कार्यपालन यंत्री राहुल सूर्यवंशी को निलंबित करने की अनुशंसा शासन के अपर सचिव (पीएचई विभाग) को भेज दी है।

