भोपाल, 27 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश में एक तरफ प्रमोशन के लिए सरकारी शिक्षक, पात्रता परीक्षा का फॉर्म भर रहे हैं तो दूसरी तरफ अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के बैनर तले शिक्षकों के एक समूह ने भोपाल के नीलम पार्क में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। रविवार से शिक्षकों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मोर्चे ने स्पष्ट किया है कि मांगों का ठोस निराकरण होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मोर्चा संयोजक एवं राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव के मुताबिक, शिक्षकों की समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है। इसके बावजूद मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने के कारण संयुक्त मोर्चे ने आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने का फैसला किया है।
लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को TET से छूट
मोर्चे की प्रमुख मांग है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। इसके लिए मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित करने और उसे केंद्र सरकार को भेजने की मांग की जा रही है।
पहली नियुक्ति से गिनी जाए सेवा अवधि
शिक्षकों का कहना है कि उनकी सेवा अवधि और वरिष्ठता की गणना प्रथम नियुक्ति की तारीख से की जानी चाहिए। इससे ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में उनकी वास्तविक सेवा अवधि का लाभ मिल सकेगा।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था हो स्वैच्छिक
संयुक्त मोर्चे ने शिक्षकों के लिए लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था को अनिवार्य के बजाय स्वैच्छिक करने की मांग उठाई है। मोर्चे के अनुसार, शिक्षकों के विभागीय और अन्य शासकीय दायित्वों के कारण मौजूदा व्यवस्था को लेकर व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
'संवाद के बाद भी निर्णय नहीं, इसलिए आंदोलन'
जगदीश यादव ने कहा कि संयुक्त मोर्चा शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग स्तर पर ज्ञापन देने और शासन-प्रशासन के साथ चर्चा के बावजूद यदि ठोस निर्णय नहीं होता है, तो आंदोलन को आगे बढ़ाना शिक्षकों की मजबूरी बन जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग संभागों से शिक्षक आंदोलन में शामिल होंगे और आगामी चरणों में सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई जाएंगी।
सभी शिक्षक संगठन आंदोलन में एकजुट
मोर्चे के पदाधिकारियों के अनुसार, आंदोलन को सफल बनाने के लिए विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी एकजुट हैं। संयोजक राकेश दुबे, मनोहर दुबे, परमानंद डेहरिया, राकेश नायक, डीके सिंगौर, राकेश पटेल समेत अन्य पदाधिकारी प्रदेशभर के शिक्षकों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील कर रहे हैं।
27 सितंबर से भोपाल में शुरू हुआ यह अनिश्चितकालीन धरना शिक्षकों की तीनों मांगों को लेकर सामूहिक आंदोलन का मंच बनाया गया है। मोर्चे ने दोहराया है कि मांगों पर ठोस समाधान होने तक धरना और आंदोलन जारी रखा जाएगा।
#WATCH | Bhopal, Madhya Pradesh | Teachers stage indefinite protest over TET, e-attendance and service period demands. pic.twitter.com/jaECFzA9Lr
— ANI (@ANI) September 27, 2026

