नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026: पिछले 22 साल से भारत का प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे राहुल गांधी के साथ आज जो कुछ भी हुआ, अपने आप में ऐतिहासिक है। इधर राहुल गांधी, मध्य प्रदेश के इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के माध्यम से, स्वयं को देशभर में छात्रों का सबसे लोकप्रिय नेता प्रमाणित करने का प्रयास कर रहे थे और उधर अखिल राहुल गांधी के हाथ से दिल्ली निकल गई। दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव में राहुल गांधी की NSUI को एक भी सीट नहीं मिली। हां यह जानते हैं कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव, भारत की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण क्यों माने जाते हैं:-
राहुल गांधी को ABVP का करारा झटका: दिल्ली यूनिवर्सिटी 3/4
दरअसल आज, दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव का रिजल्ट घोषित किया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने तीन पदों पर जीत हासिल की। ABVP के यश डबास अध्यक्ष बने हैं। वहीं रिया छावड़ी को सचिव और लक्ष्यराज सिंह को संयुक्त सचिव पद पर जीत मिली। उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीता। मतलब कांग्रेस पार्टी की स्टूडेंट यूनियन NSUI को एक भी सीट नहीं मिली। क्या रिजल्ट उस समय आया है जब राहुल गांधी देश भर में "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं और इस इवेंट के फोटो वीडियो शेयर करके, केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में स्वयं को भारत के युवाओं का सबसे लोकप्रिय नेता साबित करने का प्रयास कर रहे हैं।
जिसे कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया, उसे निर्दलीय ऐतिहासिक वोट मिले
DUSU चुनाव के लिए शुक्रवार को 52 कॉलेजों में मतदान हुआ था। इसमें 40.46% वोटिंग हुई और 1,51,519 छात्रों में से 61,312 ने मतदान किया। दीपांशु शौकीन शौकीन 4 साल NSUI से जुड़े रहे और छात्र राजनीति में एक्टिव थे। उन्होंने उपाध्यक्ष पद का टिकट मांगा था। संगठन की ओर से उनका नामांकन भी कराया गया, लेकिन बाद में उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। शौकीन ने ऐसा करने से इनकार कर दिया और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। शौकीन दिल्ली के पीरागढ़ी के रहने वाले हैं। उनके पिता बस कंडक्टर हैं और मां आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने भगत सिंह कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। उनके पिता चाहते थे कि वह UPSC की तैयारी करें, लेकिन शौकीन छात्र राजनीति में आना चाहते थे।
Delhi University means the cream of India
दिल्ली यूनिवर्सिटी को आप "द क्रीम ऑफ इंडिया" का सकते हैं। मतलब यह एक ऐसी यूनिवर्सिटी है जहां पूरे भारत के विद्यार्थी एक साथ दिखाई देते हैं, जहां कोई विचारधारा, नॉरेटिव, संप्रदाय या क्षेत्र का प्रभुत्व नहीं होता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में दो कैंपस हैं। साउथ और नॉर्थ कैंपस लगभग 15 किमी की दूरी पर बने हैं। दोनों कैंपस मिलाकर DU में 91 कॉलेज आते हैं। केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने भी यही कहा है। उन्होंने कहा, दिल्ली विश्वविद्यालय केवल एक यूनिवर्सिटी नहीं, यहाँ देश के हर कोने से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। यहाँ का जनादेश पूरे भारत के युवाओं के मन का प्रतिबिंब होता है। देश का युवा आज राष्ट्र प्रथम की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ा है और यही इस जनादेश का सबसे बड़ा संदेश है।

