भोपाल, 25 सितंबर 2026: अभी दो-चार महीने पहले कांग्रेस के नेताओं ने कभी दिल्ली कभी भोपाल में प्रेस कांफ्रेंस करके कहा था कि, डॉ मोहन यादव ने अपने फायदे के लिए उज्जैन के डेवलपमेंट प्लान में मनमाने चेंज किए और आज उज्जैन से खबर आई है कि, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का पैतृक मकान, और उनकी बहन के मकान का कुछ हिस्सा तोड़ दिया जाएगा क्योंकि न्यू डेवलपमेंट प्लान में, वहां से सिंहस्थ के लिए सड़क निकली है।
वे स्वयं मकान के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए तैयार हैं
दरअसल, उज्जैन के खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक प्रस्तावित सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। यह मार्ग करीब 730 मीटर लंबा है इसे 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण की जद में 272 मकान आ रहे हैं। इसमें सीएम मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बड़ी बहन एवं नगर निगम सभापति कलावती यादव का घर भी शामिल है। नगर निगम उज्जैन की टीम ने प्रभावित मकानों की नपती कर लाल निशान लगाए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिजनों का कहना है कि शहर के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों को देखते हुए वे स्वयं मकान के प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए तैयार हैं।
पैतृक मकान से बड़ी यादें जुड़ी है
बताया जा रहा है कि सीएम मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने वर्ष 1974 में यह मकान बनवाया था। इसी मकान में उनके दोनों बेटे पूनमचंद्र यादव और शंकरलाल यादव समेत परिवार के सदस्यों का बचपन बीता। पूनमचंद्र यादव के पांच बच्चों में नंदलाल यादव, नारायण यादव, मुख्यमंत्री मोहन यादव, ग्यारसी बाई और नगर निगम सभापति कलावती यादव शामिल हैं।
सभी 272 मकान मेरे परिवारजनों के ही है, सब सहयोग कर रहे हैं
नगर निगम सभापति कलावती यादव ने कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक होने वाले सड़क चौड़ीकरण में उनका पैतृक मकान भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में रहने वाले सभी लोग उनके परिवार जैसे हैं और किसी के साथ भाजपा-कांग्रेस या हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रभावित नागरिकों की समस्याओं को अधिकारियों से चर्चा कर दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। सभी लोग सहयोग भी कर रहे है।

