वन मंत्री महोदय, भोपाल का वन विहार ठेके पर दे दिया है?

Updesh Awasthee
माननीय वन मंत्री महोदय, सादर निवेदन है कि मैं वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में गोल्फ कार्ट सेवा के संचालन से संबंधित कुछ गंभीर अनियमितताओं एवं आगंतुकों के साथ किए जा रहे व्यवहार की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ।

मेरे भ्रमण के दौरान यह पाया गया कि गोल्फ कार्ट सेवा का संचालन एक निजी ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि कहीं भी (न टिकट पर, न टिकट काउंटर पर और न ही परिसर में) यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि गोल्फ कार्ट उपयोग के लिए कोई एक घंटे की समय-सीमा निर्धारित है। इसके बावजूद निजी संचालक, आगंतुकों पर यह दबाव बनाते हैं कि वे केवल उनके बताए हुए तरीके से ही भ्रमण करें तथा एक ही बार में लगभग एक घंटे के भीतर पूरा भ्रमण समाप्त कर दें। यदि कोई आगंतुक किसी स्थान पर रुककर वन्यजीवों को देखना या कुछ समय बिताना चाहता है, तो उसे इसकी अनुमति नहीं दी जाती। यह व्यवस्था न केवल असुविधाजनक है, बल्कि आगंतुकों के अधिकारों के भी विपरीत है।

देश के अधिकांश राष्ट्रीय उद्यानों एवं चिड़ियाघरों में गोल्फ कार्ट का उद्देश्य आगंतुकों की सुविधा होता है। आगंतुक अपनी सुविधा एवं निर्धारित विज़िट समय के भीतर विभिन्न स्थानों पर रुककर भ्रमण कर सकते हैं। किंतु वन विहार में यह सुविधा बाध्यता में बदल गई है, जहाँ निजी संचालक अपने मनमाने नियम लागू कर रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, मैंने स्वयं देखा कि गोल्फ कार्ट की दो गाड़ियाँ परिसर में उपलब्ध होने के बावजूद उनका संचालन नहीं किया जा रहा था। पूछने पर बताया गया कि वे केवल सरकारी अधिकारियों के लिए आरक्षित हैं। यदि यह तथ्य सही है, तो यह सामान्य आगंतुकों के साथ भेदभाव की भावना उत्पन्न करता है। आज जब देश में समानता और वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने पर विशेष बल दिया जा रहा है, ऐसे में किसी सार्वजनिक पर्यटन स्थल पर इस प्रकार की व्यवस्था उचित प्रतीत नहीं होती।

अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाए तथा निम्नलिखित बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाए:-
1. गोल्फ कार्ट सेवा की वास्तविक एवं आधिकारिक नियमावली सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए।
2. निजी ठेकेदार द्वारा मनमाने एवं दबावपूर्ण तरीके से लागू किए जा रहे नियमों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
3. उपलब्ध सभी गोल्फ कार्ट का उपयोग पारदर्शी एवं समान रूप से आगंतुकों की सुविधा के लिए सुनिश्चित किया जाए।
4. भविष्य में किसी भी आगंतुक को इस प्रकार की असुविधा एवं अनुचित व्यवहार का सामना न करना पड़े, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।

मुझे विश्वास है कि आप इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे, जिससे वन विहार की छवि और आगंतुकों का अनुभव बेहतर हो सके।

धन्यवाद।

भवदीय,
उत्कर्ष नाथ
8962624392 

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