भोपाल, 6 अगस्त 2026: कांग्रेस की कमलनाथ सरकार द्वारा जारी किया गया आदेश परिवीक्षा वाले कर्मचारियों के लिए बड़ा सिर दर्द बन गया है। हाई कोर्ट ने फैसला सुना दिया है कि कमलनाथ सरकार का आदेश अन्यायपूर्ण और नियम विरुद्ध था लेकिन मंत्रालय के अधिकारियों ने अब तक इस मामले में कोई नया फैसला नहीं लिया है। इसके कारण कन्फ्यूजन की स्थिति है। रतलाम जिले के एक अधिकारी ने पत्र लिखकर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर से स्थिति स्पष्ट करने के लिए अनुरोध किया है।
उप संचालक उद्यान, जिला रतलाम द्वारा 5 अगस्त 2026 को संचालक, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, भोपाल को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा गया है। इसमें बताया है कि, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 12 दिसंबर 2019 को जारी एक निर्देश के तहत, विभाग में नवनियुक्त वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारियों और ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों के लिए 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि तय की गई थी। इस नियम के अनुसार, कर्मचारियों को पहले वर्ष वेतन का 70%, दूसरे वर्ष 80% और तीसरे वर्ष 90% स्टाइपेंड के रूप में दिया जा रहा था।
पत्र के अनुसार, प्रभावित कर्मचारियों ने माननीय उच्च न्यायालय में इसके विरुद्ध याचिका लगाई थी। न्यायालय ने अपने आदेश में कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 100% वेतन प्रदान करने का आदेश पारित किया है। इस आदेश के बाद रतलाम जिले के उद्यान विस्तार अधिकारियों ने विभाग में अपना आवेदन प्रस्तुत किया था।
रतलाम जिले के उप संचालक (उद्यान) मंगल सिंह डोडवे ने भोपाल मुख्यालय को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में जिले के तीन ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी इस व्यवस्था के तहत कम वेतन प्राप्त कर रहे हैं। पत्र के माध्यम से कोर्ट के आदेश के आलोक में अग्रिम कार्यवाही और आदेश के लिए अनुरोध किया गया है।अब सभी की नजरें भोपाल मुख्यालय पर टिकी हैं, जहाँ से इस पर अंतिम औपचारिक आदेश जारी होना है। - ब्यूरो रिपोर्ट, रतलाम।

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