MP Cabinet Meeting Official Report 25 aug 2026 - मध्य प्रदेश कैबिनेट मीटिंग का आधिकारिक प्रतिवेदन

Updesh Awasthee
भोपाल, 25 अगस्त 2026: मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में, मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट की मीटिंग संपन्न हुई। कैबिनेट की मीटिंग में प्रदेश के इंफ्रॉस्ट्रक्चर, हेल्थ, साइबर सिक्योरिटी और सोशल वेलफेयर को गति देने के लिए 10 हजार 630 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण प्रपोजल्स को अप्रूवल प्रदान की गई।

12 रोड्स के कंस्ट्रक्शन के लिए गवर्नमेंट गारंटी का अप्रूवल

कैबिनेट द्वारा प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) को 12 रोड्स के कंस्ट्रक्शन के लिए नाबार्ड इंफ्रॉस्ट्रेक्चर डेवलपमेंट अस्सिटेंस के माध्यम से 4,600 करोड़ रुपये के लोन के लिए गवर्नमेंट गारंटी देने के प्रपोजल का अप्रूवल किया गया इसी तरह सेलेक्टेड हाईवेज, मेन डिस्ट्रिक्ट रोड्स, अदर डिस्ट्रिक्ट रोड्स एवं रूरल रोड्स की कैटेगरी को 22 रोड्स को ओनरशिप मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को हस्तांतरित किये जाने का डिसीजन लिया गया तथा 3 हजार 960 करोड़ रुपये की कॉस्ट से सिवनी-बालाघाट 91.64 कि.मी. रोड को फोर-लेन बनाने के प्रपोजल को अप्रूवल दी गई।

मध्यप्रदेश धन्वंतरि हेल्थ यूनिवर्सिटी के 244 वैकेंसी

सामाजिक एवं आर्थिक एम्पावरमेंट के तहत पुअर एवं वीकर सेक्शंस से जुड़ी 19 पब्लिक वेलफेयर स्कीम्स के लिए 1 हजार 740 करोड़ रुपये अप्रूव्ड किए गए। हेल्थ एवं तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करते हुए उज्जैन स्थित मध्यप्रदेश धन्वंतरि हेल्थ यूनिवर्सिटी के ऑपरेशन के लिए 244 पोस्ट्स का क्रिएशन तथा साइबर सिक्योरिटी मैनेजमेंट के लिए एमपी-सीईआरटी स्कीम अंतर्गत 80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। 

खिलाड़ियों के लिए

इसके अतिरिक्त नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन एवं गेस्ट हाउसेज के अपग्रेडेशन के लिए 250 करोड़ 67 लाख रुपये, म्यूचुअल कंसेंट से भूमि परचेज पॉलिसी में अमेंडमेंट, भारतीय जस्टिस कोड 2023 के तहत ईओडब्ल्यू को अधिकृत करने और महिला टी-20 विजुअली इम्पेयर्ड क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 की पदक विनर प्लेयर्स व कोचेस को 78 लाख रुपये की इंसेंटिव अमाउंट प्रदाय किए जाने की पोस्ट-फैक्टो अप्रूवल प्रदान की गई। 

म.प्र. रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को 12 रोड्स के लिए 4600 करोड़

कैबिनेट ने म.प्र. रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा नाबार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस (निडा) से 4 हजार 600 करोड़ रुपये का लोन प्राप्त किये जाने के लिए राज्य शासन द्वारा गारंटी (गारंटी) प्रदाय किये जाने का अप्रूवल दिया है।  रोड कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) को 12 रोड्स के कंस्ट्रक्शन के लिए नाबार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट अस्सिटेंस के माध्यम से 4,600 करोड़ रुपये के लोन के लिए गवर्नमेंट गारंटी देने के प्रपोजल का अप्रूवल किया गया। इन रोड्स में:- 
  • भोपाल-विदिशा रोड, 
  • खलघाट-मनावर-मांगोद, 
  • मंदसौर-सीतामऊ-म.प्र, 
  • सीतामऊ-बसई-सुवासरा, 
  • पूर्वी भोपाल बायपास 4-लेन रोड को 6-लेन मय पेव्ड, 
  • नीमच-मनासा-रामपुरा झालावाड रोड एसएस-7, 
  • इंदौर-देपालपुर रोड का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर, 
चापडा-नेवरी से देवास तक एसएच-64 का 2-लेन मय, दिनारा-दतिया,सेवड़ा रोड,आगर-सांरगपुर रोड, सोयत-माचलपुर-जीरापुर, राहतगढ़-खुरई से खिमलासा रोड तथा सुन्दरा- सिंहपुर-कोठी-बिरसिंहपुर-सेमरिया गोहदा-सिरमोर शामिल है।

22 प्रमुख रोड्स का ट्रांसफर एमपीआरडीसी को किये जाने का डिसीजन

राज्य की 22 प्रमुख रोड्स का ओनरशिप हस्तांतरण नाममात्र मूल्य पर 'म.प्र. रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन' (एमपीआरडीसी) को किया जाएगा। इसके बदले निगम का बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स राज्य सरकार के पक्ष में अपनी शेयर कैपिटल (शेयर) जारी करेगा। इस लोन के इंटरेस्ट और लोन का पेमेंट हस्तांतरित रोड से प्राप्त टोल कलेक्शन और अन्य सोर्सेज से प्राप्त राशि से किया जाएगा। मध्यप्रदेश हाईवे निधि एक्ट, 2012 में अमेंडमेंट किया जाकर इस रोड्स पर टोल कलेक्शन और अन्य सोर्सेज से प्राप्त राशि को सीधे निगम की इनकम माना जाएगा। अप्रूव्ड लोन लिमिट के भीतर रोड्स में परिवर्तन और नवीन रोड्स के सिलेक्शन का अधिकार निगम के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के पास रहेगा। प्रोजेक्ट के तहत राशि का आहरण 'जस्ट इन टाइम' (जेआईटी) सिद्धांत के अनुसार केवल आवश्यकता पड़ने पर ही किया जाएगा। 

सिवनी-बालाघाट 91.64 कि.मी. रोड कंस्ट्रक्शन के लिए 3960 करोड़ 

कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट 91.64 कि.मी. रोड, 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ कंस्ट्रक्शन और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कुल 3,960 करोड़ 09 लाख रूपये का अप्रूवल दिया है। अप्रूवल अनुसार रोड कंस्ट्रक्शन के लिए हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर प्रोजेक्ट और फाइनेंशियल कॉस्ट 3,458 करोड़ 93 लाख रूपये की अप्रूवल दी है। प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉस्ट का 40 प्रतिशत राशि 704 करोड़ 38 लाख रूपये राज्य बजट के माध्यम से और शेष 60 प्रतिशत 2,253 करोड़ 39 लाख रूपये ऑपरेशन अवधि में 15 वर्षों तक छः माही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से व्यय किया जाएगा। कंस्ट्रक्शन से पूर्व के कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) और सुपरविजन चार्जेस के लिए 501 करोड़ 16 लाख रूपये का भी अप्रूवल दिया है। सिवनी-बालाघाट रोड मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित एक महत्वपूर्ण राज्य हाईवे-72 है, जो जिला हेडक्वार्टर सिवनी को महत्वपूर्ण फॉरेस्ट एवं मिनरल एरिया बालाघाट से जोड़ता है।  यह रोड दो नेशनल हाईवे 44 (नागपुर-लखनादौन), नेशनल हाईवे 543 (गोंदिया-मण्डला) एवं नेशनल हाईवे 543 के (बालाघाट-भंडारा) रोड्स को भी जोड़ता है।

यह रोड मलाजखंड तांबा प्रोजेक्ट, भरवेली मैंगनीज़ माईन्स, कान्हा टाइगर रिज़र्व, पेंच टाईगर रिजर्व और छत्तीसगढ़ राज्य से संपर्क प्रदान करता है। बालाघाट मिनरल एवं फॉरेस्ट उत्पादों का प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है तथा सिवनी क्षेत्र एग्रीकल्चर, एवं टूरिज्म का प्रमुख केंद्र है।  यह रोड रीजनल आर्थिक डेवलपमेंट एवं लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पर्यटकों की आवाजाही में वृदिध होने से कान्हा नेशनल पार्क, पेंच नेशनल पार्क सहित सिवनी तथा बालाघाट क्षेत्र की ग्रामीण एवं शहरी पॉपुलेशन को बेनिफिट मिलेगा।
 लगभग 8 से 10 लाख पॉपुलेशन को यह रोड बेहतर संपर्क प्रदान करेगा। 

निर्धन नागरिकों की योजनाओं के लिए 1740 करोड़

कैबिनेट ने डिपार्टमेंट ऑफ सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज की पुअर और वीकर सेक्शन के सामाजिक और आर्थिक डेवलपमेंट से संबंधित 19 स्कीम्स के फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2031 तक निरंतर ऑपरेशन के लिए 1 हजार 740 करोड़ रूपये की अप्रूवल दी है।

यह स्कीम्स समाज के पुअर, वीक, पुअर, डेस्टिट्यूट, सीनियर सिटीजन्स, कन्या विवाह/निकाह सहायता, दिव्यांगजनों, ड्रग विक्टिम्स एवं ट्रांसजेण्डर व्यक्तियों के सामाजिक, आर्थिक एवं ओवरऑल डेवलपमेंट से संबंधित है। 

इन्दिरा गांधी नेशनल निःशक्त पेंशन स्कीम, नेशनल परिवार सहायता स्कीम, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन स्कीम, बहु विकलांग एवं मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति को आर्थिक सहायता स्कीम, अंध मूक बधिर शालाओं को अनुदान, अन्त्येष्टि सहायता स्कीम, मुख्यमंत्री निकाह स्कीम, अंधमूक बधिरों को वृत्तियां, विश्व विकलांग दिवस, दिव्यांजनों को आई.टी.आई. ट्रेनिंग, दधीचि पुरस्कार स्कीम, कृत्रिम अंग उपकरण वितरण स्कीम, भारतीय कुष्ठ निवारण संघ को ब्लाक ग्रांट, दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित वातावरण, अटल वयो अभ्युदय (ए.व्ही.वाय.ए.वाय.) स्कीम, माता-पिता भरण पोषण स्कीम, इंदिरा गांधी समाज सेवा पुरस्कार स्कीम, सीनियर सिटीजन्स की राज्य परिषद, डी-एडिक्शन प्रोग्राम और नशीली दवा की मांग में कमी लाने के लिये नेशनल एक्शन प्लान शामिल है।

मध्यप्रदेश धन्वंतरि हेल्थ विश्वविद्यालय उज्जैन के लिए 244 पोस्ट्स की अप्रूवल

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश धन्वंतरि हेल्थ विश्वविद्यालय उज्जैन के इफेक्टिव ऑपरेशन के लिए 154 रेगुलर पोस्ट्स, 01 कॉन्ट्रैक्ट पोस्ट और 89 आउटसोर्स के माध्यम से रखे जाने वाले व्यक्तियों इस प्रकार कुल 244 पोस्ट्स/ व्यक्तियों को रखे जाने की अप्रूवल दी है।
पोस्ट्स के पे स्केल, रिक्रूटमेंट मेथड, सर्विस कंडीशंस और नेचर ऑफ पोस्ट का परीक्षण वित्त डिपार्टमेंट एवं लागू विश्वविद्यालयीन परिनियम, अध्यादेश और सर्विस रूल्स के अनुसार की जाएगी।
विश्वविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में हेल्थ साइंस एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेशन का इंस्टीट्यूशनल डिसेंट्रलाइजेशन होगा।

इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के 31 जिलों के अंतर्गत आने वाले हेल्थ साइंस एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के लिए एफिलिएशन, इंस्पेक्शन, एग्जाम और अन्य विश्वविद्यालयीन सेवाओं के लिए पृथक प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध होने से डिसीजन एवं सेवा प्रदायगी में अधिक टाइमलीनेस एवं अकाउंटेबिलिटी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

करिकुलम, एग्जाम और इवैल्यूएशन सिस्टम के मानकीकरण, एग्जाम प्रोसेस की ट्रांसपेरेंसी, टाइमली रिजल्ट्स एवं सर्टिफिकेट प्रदाय तथा संस्थाओं के एकेडमिक इंस्पेक्शन की सुदृढ़ व्यवस्था से मेडिकल एंड हेल्थ साइंस एजुकेशन की क्वालिटी में सुधार होगा।

हेल्थ क्षेत्र के लिए क्वालिटीपूर्ण एवं कैपेबल ह्यूमन रिसोर्सेज उपलब्ध कराने की राज्य की लॉन्ग-टर्म कैपेसिटी सुदृढ़ होगी।

राज्य कम्प्यूटर सेक्युरिटी इंसीडेंट/रेसपान्स ऑपरेशन सेन्टर की स्थापना संबंधी स्कीम के लिए 80 करोड़ 
कैबिनेट ने राज्य कम्प्यूटर सेक्युरिटी इंसीडेंट/रेसपान्स ऑपरेशन सेन्टर की स्थापना से संबंधित स्कीम की फाइनेंशियल ईयर 2026-2027 से 2030-2031 तक निरंतर ऑपरेशन के लिए 80 करोड़ रूपये की अप्रूवल दी है।
गतिविधियों के सुचारू ऑपरेशन के लिए प्रशासनिक, तकनीकी, परामर्श, इंसीडेंट रिस्पांस, फॉरेंसिक और एसओसी कार्य के लिए 25 नवीन पोस्ट्स सहित अनुमानित फाइनेंशियल कॉस्ट राशि 3.99 करोड़ रूपये की अप्रूवल दी है।
इसके साथ ही पूर्व से अप्रूव्ड 21 ह्यूमन रिसोर्सेज के वेतन पुनर्निर्धारण के लिए 3.24 करोड़ रूपये की अप्रूवल दी है।
एमपी-सीईआरटी के उपरोक्त अप्रूव्ड तकनीकी ह्यूमन रिसोर्सेज को पीईएमटी फ्रेमवर्क अनुरूप प्रबंधन किया जायेगा।
डिसीजन अनुसार पीईएमटी फ्रेमवर्क में प्रिंसिपल कंसलटेंट से 5 पोस्ट, सीनियर कंसलटेंट से 8 एवं कंसलटेंट से 3 पोस्ट्स को सरेंडर (अभ्यर्पण) किया जाकर इसका उपयोग एमपीसीईआरटी पोस्ट स्ट्रक्चर अंतर्गत सृजित किये जाने वाले नवीन पोस्ट्स की आवश्यकताओं की पूर्ति की जाएगी।

वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एमपी-सीईआरटी अन्तर्गत अल्प-अवधि के लिए 50 हजार रूपये तक अधिकतम 02 सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की सेवाएं अनुबंधित की जायेंगी।

साथ ही प्रदेश में साइबर सिक्योरिटी प्रशिक्षित ह्यूमन रिसोर्सेज की उपलब्धता में सकारात्मक पार्टिसिपेशन बनाये रखने की दृष्टि से एमपीसीईआरटी में प्रतिवर्ष नेशनल स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों यथा एनएफएसयू/आईआईटी/एनआईटी/आईआईएसईआर/सीडीएसी आदि संस्थानों से उत्तीर्ण ग्रेजुएट इंजीनियर्स को मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम एमपीसीईआरटी में प्रति वर्ष एक वर्ष के लिए इंजीनियरिंग ग्रेजुएशन उत्तीर्ण 10 ट्रेनीज को 25 हजार रूपये प्रति माह का ट्रेनिंग अलाउंस की दर से एक वर्ष के लिए इंटरव्यू के आधार पर अपॉइंटमेंट की जाएगी। 

प्रदेश में साइबर सिक्योरिटी इंसीडेंट्स के इफेक्टिव मैनेजमेंट, क्विक रिस्पांस, रिस्क मिटिगेशन तथा महत्वपूर्ण गवर्नमेंट सूचना इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए राज्य स्तर पर मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (एमपी-सीईआरटी) की स्थापना की गई है।

वर्तमान समय में शासन की अधिकांश सेवाएं, नागरिक केंद्रित प्लेटफॉर्म, डिजिटल पेमेंट प्रणालियां, डेटा भंडार, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर तथा विभिन्न डिपार्टमेंटों की महत्वपूर्ण इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं।

गेस्ट हाउस के अपग्रेडेशन और ऑपरेशन के लिए 250 करोड़ 67 लाख 
कैबिनेट ने ऑफिस ऑफ द रेजिडेंट कमिश्नर म.प्र. भवन नई दिल्ली में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से संबंधित स्कीम्स को 16वें फाइनेंस कमीशन की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर ऑपरेशन के लिए रेवेन्यू एंड कैपिटल हेड की 250 करोड़ 67 लाख रूपये की अप्रूवल प्रदान की है।

अप्रूवल अनुसार ऑफिस ऑफ द रेजिडेंट कमिश्नर, मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली के लिए रेवेन्यू एंड कैपिटल हेड में 191 करोड़ 828 लाख रूपये, ज्यूडिशियल स्टॉफ के लिए परिवहन व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 55 लाख रूपये, ऑफिस ऑफ द स्पेशल कमिश्नर, म.प्र. शासन, नई दिल्ली के लिए रेवेन्यू एंड Capital हेड में 6.593 करोड़ रूपये, मध्या लोक, मुम्बई ऑफिस के लिए 4.2655 करोड़ रुपये और डिपार्टमेंटल परिसम्पतियों का मेंटेनेंस के लिए रेवेन्यू हेड में 1 करोड़ 76 लाख रूपये की अप्रूवल दी गई है।

इसी तरह नई दिल्ली में प्रपोज्ड मध्यांचल भवन के विस्तार कंस्ट्रक्शन कार्य के लिए कैपिटल हेड में 44.5803 करोड़ रूपये और नई दिल्ली में प्रपोज्ड ऑफिसेस की स्थापना के लिए 10 लाख रूपये की अप्रूवल दी गई है।

म्यूचुअल कंसेंट से भूमि परचेज पॉलिसी में अमेंडमेंट की अप्रूवल

कैबिनेट ने म्यूचुअल कंसेंट से भूमि परचेज पॉलिसी 12 नवम्बर 2014 में अमेंडमेंट की अप्रूवल दी है। इसके अनुसार संगणित रिहैबिलिटेशन ग्रांट के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र में स्थित प्राइवेट एग्रीकल्चरल लैंड पर स्थापित अचल संपत्तियों (इम्मूवेबल एसेट्स) को छोड़कर एग्रीकल्चरल लैंड के लिये कलेक्टर द्वारा जारी की गई गाईडलाईन की तत्समय प्रभावशील दर के अनुसार संगणित मूल्य से दौगुनी राशि भी रिहैबिलिटेशन ग्रांट के रूप में दी जाएगी।

नीति के अनुरूप प्रारूपों में आवश्यक अमेंडमेंट कर डिपार्टमेंट अपने स्तर से जारी कर सकेगा और अतिरिक्त आवश्यक प्रारूपों को भी जारी कर सकेगा।

पब्लिक इंटरेस्ट की प्रोजेक्ट्स में भूमि का अर्जन, भूमि अर्जन, रिहैबिलिटेशन एंड रीसेटलमेंट में उचित कंपनसेशन और ट्रांसपेरेंसी का अधिकार एक्ट, 2013 के अंतर्गत किया जाता है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की एग्रीकल्चरल लैंड के लिये वह फैक्टर जिसके आधार पर मार्केट वैल्यू को गुणित किया जाना है।
मध्यप्रदेश गजट नोटिफिकेशन 24 अप्रैल 2026 से 1.00 के स्थान पर 2.00 किया गया है।
इसे शीघ्र इम्प्लीमेंटेड करने के लिए म्यूचुअल कंसेंट से भूमि परचेज पॉलिसी, 12 नवम्बर 2014 में अमेंडमेंट किया गया है।

राज्य सरकार के विभिन्न डिपार्टमेंटों/ अंडरटेकिंग्स को उनकी इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन वर्क्स एवं विकास प्रोजेक्ट्स के इम्प्लीमेंटेशन के लिए समय-समय पर प्राइवेट लैंड की आवश्यकता पड़ने पर भू-अर्जन की प्रक्रिया में लगने वाले अतिरिक्त समय और कॉस्ट को बचाने की दृष्टि से प्रतिफल का पेमेंट करके भू-धारकों की म्यूचुअल कंसेंट से भूमि प्राप्त की जा सके तथा गवर्नमेंट प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समयावधि में इम्प्लीमेंटेड किए जाने के लिए राज्य शासन द्वारा "म्यूचुअल कंसेंट से भूमि परचेज पॉलिसी" 14 नवम्बर, 2014 से लागू की गई है।
भारतीय जस्टिस कोड 2023 में परिवर्तित धाराओं में कार्यवाही के लिए इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग म.प्र. को अधिकृत करने के लिए नोटिफिकेशन में अमेंडमेंट को अप्रूवल। 

कैबिनेट ने भारतीय पीनल कोड, 1860 की भारतीय जस्टिस कोड 2023 में परिवर्तित धाराओं में कार्यवाही के लिए इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग म.प्र. को अधिकृत करने के लिए गृह डिपार्टमेंट की नोटिफिकेशन 31 मई 1977 में अमेंडमेंट की अप्रूवल दी है।

महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड) में प्रदाय इंसेंटिव अमाउंट 78 लाख रूपये की रीइम्ब्र्समेंट प्लेयर्स को इंसेंटिव हेड से करने की पोस्ट-फैक्टो अप्रूवल।
कैबिनेट ने महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड) की 03 प्लेयर्स को कुल इंसेंटिव अमाउंट 75 लाख रुपये और महिला प्लेयर्स के 03 कोच को कुल इंसेंटिव अमाउंट 3 लाख रूपये इस तरह कुल 78 लाख रूपये की रीइम्ब्र्समेंट इंसेंटिव हेड से करने की पोस्ट-फैक्टो अप्रूवल प्रदान की है।

महिला टी-20 वर्ल्डकप क्रिकेट 2025 (ब्लाइंड) 23 नवंबर 2025 कोलंबो (श्रीलंका) में नेपाल को पराजित कर गोल्ड मेडल जीतने पर रिमार्केबल अचीवमेंट के दृष्टिगत राज्य शासन द्वारा भारतीय विनर टीम की सदस्य एवं मध्यप्रदेश की प्लेयर सुश्री सुनिता सराठे (नर्मदापुरम), सुश्री दुर्गा येबले (बैतूल) एवं सुश्री सुषमा पटेल (दमोह) को 25-25 लाख रूपये, जिसमें से 10-10 लाख रूपये कैश एवं 15-15 लाख रूपये फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में तथा महिला प्लेयर्स के कोच श्री सोनू गोलकर, श्री ओमप्रकाश पाल और श्री दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रूपये इस प्रकार कुल 78 लाख रूपये की राशि इंसेंटिव के रूप में प्रदान करने की पोस्ट-फैक्टो अप्रूवल दी गई।

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