मध्य प्रदेश में खुलेआम घूम रही है खटारा एम्बुलेंस, 45 में से 15 डिफॉल्टर पाई गईं

Updesh Awasthee
भोपाल, 22 अगस्त 2026:
मध्य प्रदेश में प्राइवेट एंबुलेंस सिस्टम बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका है। एकदम खटारा एम्बुलेंस, मतलब जिनको कबाड़ कह सकते हैं, मरीज को लेकर सड़कों पर दौड़ रही है। सबके सामने, खुलेआम संचालित की जा रही हैं और प्राइवेट अस्पतालों के सामने पार्किंग की जा रही है। ग्वालियर में कलेक्टर ने चेक करने के लिए भेजा तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ज्यादातर के पास ना फिटनेस सर्टिफिकेट था ना इंश्योरेंस और कुछ एंबुलेंस तो ऐसी थी जिनके पास कोई डॉक्यूमेंट ही नहीं था। 

सरकारी अस्पतालों में खड़ी 33% एंबुलेंस के पास डॉक्यूमेंट ही नहीं थे

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत, ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर जब परिवहन विभाग की टीम ने अचानक शनिवार को अस्पतालों में छापा मारा, तो हड़कंप मच गया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कई एंबुलेंस बिना फिटनेस, बिना बीमा और बिना पीयूसी (प्रदूषण प्रमाण-पत्र) के ही सड़कों पर दौड़ रही थीं। परिवहन विभाग की टीम ने 1000 बिस्तर अस्पताल, कैंसर अस्पताल और जयारोग्य अस्पताल (JAH) परिसर में खड़ी 45 एंबुलेंसों की पड़ताल की। जांच के दौरान 15 एंबुलेंसों के पास जरूरी दस्तावेज ही नहीं मिले। सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने वाले इन संचालकों पर टीम ने मौके पर ही 57 हजार रुपए का चालान ठोका। 

पूरे मध्य प्रदेश की यही हालत है 

दरअसल, पूरे मध्य प्रदेश की यही हालत है। सबसे खटारा गाड़ियां, जिनको कबाड़ में बेच दिया जाना चाहिए, या फिर जिन गाड़ियों को स्क्रैप में बेच दिया जाता है, उनको खरीद कर एंबुलेंस बना दिया जाता है। यह एंबुलेंस सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के कैंपस में खड़ी होती हैं। लोगों को एंबुलेंस की इमरजेंसी में जरूरत होती है, सामने जितनी एंबुलेंस खड़ी होती है उनमें से किसी एक का चुनाव करना मजबूरी है। वैसे तो एंबुलेंस के लिए कई नियम है लेकिन नियमों का पालन करवाने के लिए कोई नहीं है।

लोग शिकायत क्यों नहीं करते?

परिवहन विभाग जिसे RTO OFFICE कहते हैं, में एंबुलेंस एवं अन्य वाहनों की शिकायत प्राप्त करने वाला कोई कर्मचारी ही नहीं होता। यदि किसी तरह आप अपनी शिकायत जमा करवाने में कामयाब हो गए तो पावती नहीं मिलती। सील लगवा ली तो भी कार्रवाई नहीं होती। बिल्कुल बताने की जरूरत नहीं है, सबको पता है कि RTO मतलब वसूली विभाग। इसके अलावा वह कुछ नहीं करता। इसलिए अब लोग शिकायत भी नहीं करते।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!