TEEN AGE की लव स्टोरी में TI सस्पेंड, महिला सब इंस्पेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज

Updesh Awasthee
भोपाल, 12 अगस्त 2026:
ग्वालियर संभाग के शिवपुरी जिले में एक नाबालिग लड़की की लव स्टोरी में इलाके के टाउन इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया और मामले की इन्वेस्टीगेशन करने वाली महिला सब इंस्पेक्टर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई हाई कोर्ट ऑफ़ जबलपुर की ग्वालियर बेंच द्वारा पुलिस अधीक्षक को फटकार लगाई जाने के बाद की गई है। 

I LOVE YOU बोलने से पहले AGE पता करना जरूरी है

कहते हैं कि प्यार अंधा होता है, वह कुछ नहीं देखा, बस हो जाता है लेकिन The Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012 कहता है कि, प्यार में एक कदम भी आगे बढ़ने से पहले उम्र जरूर देख लेनी चाहिए क्योंकि POCSO Act कहता है कि यदि प्रेमी अथवा प्रेमिका की उम्र 18 वर्ष से कम है तो अपनी पेरेंट्स की परमिशन के बिना कॉलोनी के पार्क तक में नहीं जा सकते। शिवपुरी में प्यार ने सच में कई लोगों को अंधा कर दिया था। कहानी पुलिस अधीक्षक शिवपुरी के ऑफिस से शुरू होती है। एक महिला ने आकर बताया कि उसकी बेटी घर से गायब है, उम्र 18 वर्ष से कम है। महिला ने यह भी बताया कि गांव का एक युवक उनकी बेटी को अपने साथ ले गया है। खनियाधाना थाने की पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही है। POCSO Act के अनुसार यह अपहरण का मामला है, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार तत्काल दर्ज किया जाना चाहिए और लड़की को मुक्त करवाना चाहिए लेकिन इस कहानी में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। 

पुलिस जो कहे वही कानून, नहीं होता है 

पुलिस अधीक्षक यागचेन डोलकर भूटिया ने महिला को फिर से खनियाधाना पुलिस थाना भेज दिया। पुलिस ने इस बार भी मामला दर्ज नहीं किया लेकिन प्रेशर बढ़ जाने के कारण दोनों परिवारों को थाने बुला लिया। अब पुलिस थाने में युवक और उसका पूरा परिवार, महिला और उसकी 18 वर्ष से कम आयु की बेटी, दोनों पक्ष उपस्थित थे। इस मामले को डील कर रही सब इंस्पेक्टर छाया राव, न्यायाधीश की भूमिका निभा रही थी। यहां बताया गया कि दोनों एक दूसरे से प्रेम करते हैं। SI छाया राव ने लड़की के बयान दिए। लड़की ने कहा कि वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है। फिर महिला सब इंस्पेक्टर ने लड़की के बयान के आधार पर फैसला सुनाया कि, लड़की, लड़के से प्यार करती है और उसके साथ रहना चाहती है इसलिए लड़की को उसके साथ भेजा जाए। जब नाबालिग लड़की की मां ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने बलपूर्वक उसको चुप करवा दिया। 

हाई कोर्ट ने बताया: कानून क्या होता है

इसके बाद मामला हाई कोर्ट में पहुंचा। हाई कोर्ट ने एसपी शिवपुरी को तलब किया। कड़ी फटकार लगाई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट से लौटते ही पुलिस अधीक्षक यागचेन डोलकर भूटिया ने खनियाधाना टीआई केदार सिंह यादव को सस्पेंड कर दिया और एसआई छाया राव के खिलाफ हाई कोर्ट के निर्देशानुसार पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 19, 20, 21 और बीएनएस 2023 की धारा 198, 199 के तहत मामला दर्ज किया गया। 

पुलिस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज क्यों हुआ?

अब तक आप यह तो जान ही चुके होंगे कि, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को उनके पैरेंट्स की मर्जी के बिना अपने साथ ले जाना, उनसे बातचीत करना, उनका कोई खाने की चीज देना या उनसे किसी भी प्रकार का व्यवहार करना, POCSO Act के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। फिर चाहे बच्चे ऐसा करने के लिए अपनी तरफ से अनुरोध क्यों न कर रहे हों। मतलब बच्चों की इच्छा की कोई वैल्यू नहीं है, जब तक कि उनकी उम्र 18 वर्ष नहीं हो जाती। 

इस केस में लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम थी। हालांकि यह एक लव स्टोरी है लेकिन कानून की नजर में, एक युवक उसके पेरेंट्स की मर्जी के बिना उसे अपने साथ ले गया। इसलिए यह अपराध है और इस अपहरण का अपराध माना गया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि इस तरह के मामलों में तत्काल प्राथमिक सूचना दर्ज की जाए। इस केस में खनियाधाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज नहीं किया। एसपी शिवपुरी ने मामले को वापस खनियाधाना फॉरवर्ड किया लेकिन फॉलो अप नहीं किया। खनियाधाना पुलिस थाना की सब इंस्पेक्टर छाया राव ने 18 साल से कम उम्र की लड़की को, उसकी मां की मर्जी के बिना एवं विरोध करने पर भी एक अन्य युवक के साथ जाने दिया। इस कारण यह माना गया कि, सब इंस्पेक्टर छाया राव, इस अपराध में शामिल हो हैं। इसलिए उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बाद का दुरुपयोग किया है इसलिए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी और यदि आप सत्य पाए गए तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा।
इनपुट: ललित मुद्गल, रिपोर्ट: उपदेश अवस्थी (विधि सलाहकार एवं पत्रकार)।

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