भोपाल, 22 अगस्त 2026: राजधानी का सबसे प्रतिष्ठित दिल्ली पब्लिक स्कूल जांच के दायरे में है। कक्षा 9 की एक छात्रा ने सुसाइड कर लिया है। पुलिस इन्वेस्टिगेट कर रही है कि क्या वह सुसाइड वाले दिन DPS की स्टूडेंट थी? परिवार वालों का कहना है कि वह DPS की स्टूडेंट थी जबकि DPS मैनेजमेंट का कहना है कि हमने 2 महीने पहले ही उसको TC दे दी थी।
छात्र का नाम योगिता चौहान था। पुलिस रिकॉर्ड में उम्र 15 वर्ष लिखी गई है। मामला रातीबड़ थाना क्षेत्र का है और छात्र की डेड बॉडी सूरज नगर के पीछे बड़े तालाब में मिली है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है लेकिन पास के पेड़ की डाल पर दुपट्टा और नीचे एक चप्पल मिली है। इसके अलावा जो कहानी सामने आई है उसके हिसाब से, पुलिस ही मन कर चल रही है कि मामला आत्महत्या का है। परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि वह DPS की छात्रा थी। पिछले 2 महीने से स्कूल नहीं जा रही थी। उसने अपने घर में बताया था कि उसके क्लास टीचर का एक्सीडेंट हो गया है। उसके परिवार में उसकी मां, दादी और चाचा हैं। 2021 में एक रोड एक्सीडेंट में उसके पिता की मौत हो गई थी, मतलब उसके चाचा ही उसके गार्जियन हैं।
गुरुवार को परिजनों ने स्कूल जाने के लिए दबाव बनाया तो वह दादी को पेन खरीदने भेजकर, घर से निकल गई। देर तक वापस नहीं आने पर रातीबड़ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। दूसरे दिन शुक्रवार को उसकी डेड बॉडी मिली। अब पुलिस के सामने सवाल है कि, स्कूल में ऐसा क्या हुआ था जो पिछले दो महीने से वह स्कूल नहीं जा रही थी और जब परिवार वालों ने स्कूल जाने के लिए प्रेशर किया तो उसने सुसाइड कर लिया? इस सवाल के जवाब की तलाश में जब पुलिस ने DPS मैनेजमेंट से बात की तो उन्होंने पुलिस को बताया।
करीब दो महीने पहले योगिता अपने चाचा के साथ स्कूल आई थी। टीसी लेकर सरकारी स्कूल में दाखिला लेने की बात कही थी। उसके बाद टीसी दे दी गई थी। इसका मतलब हुआ की घटना वाले दिन योगिता चौहान DPS की स्टूडेंट नहीं थी, लेकिन योग्यता के चाचा ने स्कूल मैनेजमेंट के इस दावे का खंडन किया है। उनका कहना है कि उन्होंने स्कूल से कोई टीसी नहीं ली। पुलिस दोनों बयानों की जांच कर रही है। मौत के कारणों की जांच के लिए स्कूल, परिजन और अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

