भोपाल, 24 अगस्त 2026: "प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश में सुशासन की सरकार है, तो मध्यप्रदेश में भी आपके भाई की सरकार है। आपके लिए हम पूरी तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ जो भी संभव है, वह कर रहे हैं"। यह बयान मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दिया। डॉ. यादव सोमवार को भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में वन विभाग में पदोन्नत शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा आयोजित आभार एवं अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
Video Clip : वन विभाग के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के परिवार के सहयोग और त्याग के प्रति आभार व्यक्त किया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पदोन्नति शासकीय सेवक का उसके काम के प्रति लगन और समर्पण का सम्मान है। वन विभाग के 4 हजार 506 शासकीय सेवकों को पदोन्नत किया गया है। सभी विभागों में कर्मचारियों को मिली पदोन्नति से मन संतोष से भरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन विभाग के लिए 25 हजार 389 पद स्वीकृत हैं। अभी 18 हजार से अधिक कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। हम वन प्रबंधन को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ना चाहते हैं। इसीलिए हमने पदोन्नति के साथ ही खाली हुए पदों को भरने के लिए नई भर्ती के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि पदोन्नति से वन विभाग में वर्षों के इंतजार का फल मिला है। जिन्हें पदोन्नति मिली है उनमें 188 सहायक वन संरक्षक, 2,821 वनपाल, 761 उप वन क्षेत्रपाल तथा अन्य संवर्ग के 736 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके परिजनों के सहयोग और त्याग के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
जैसा हमने पाया है उससे बेहतर मध्य प्रदेश बनाएंगे: डॉ मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मध्यप्रदेश वन्य जीवों के संरक्षण के मामले में पूरे देश अव्वल है। प्रदेश के जंगलों में अब जंगली भैंसें भी आ चुके हैं। मध्यप्रदेश के वन और वन्य जीवों की दुनिया मुरीद है। हमारे वनकर्मी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जंगल, पहाड़, वन और नदियों की रक्षा करते हैं। वनकर्मी हमारी वन संपदा की सुरक्षा की मजबूत दीवार की तरह हैं, जो वन्य जीवों की सुरक्षा के साथ वन क्षेत्र में निवासरत आबादी की भी चिंता करते हैं। मनुष्य का जीवन और जंगल एक दूसरे पर निर्भर हैं। हमारा प्रयास है कि जैसा हमने पाया है, उससे और बेहतर हम भावी पीढ़ी को सौंपें। ईश्वर की कृपा से मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। कोई ग्लेशियर नहीं होने पर भी हमारी नदियां जलराशि से सदैव समृद्ध रहती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे पास अगली पीढ़ी को सबसे अच्छा तोहफा सौंपने का सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि विकास तभी पूर्ण होगा, जब जंगल और जैव-विविधता सुरक्षित रहें, नदियां संरक्षित रहें और भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित हो।

