भोपाल में स्कूल खुल जाने के बाद कलेक्टर ने कहा, आज स्कूल बंद रहेंगे

Updesh Awasthee
भोपाल, 10 अगस्त 2026:
भोपाल में स्कूल खुलने का टाइम सुबह 7:30 बजे है। सुबह 6:00 बच्चे उठ जाते हैं और हजारों बच्चे 6:15 बजे स्कूल के लिए घर से निकल जाते हैं। 7:30 बजे बच्चे क्लासरूम में होते हैं, और भोपाल के कलेक्टर सर ने 8:55 AM · Aug 10, 2026 पर X के माध्यम से बताया है कि आज स्कूल बंद रहेंगे। मतलब समझ में नहीं आ रहा है कि इस आदेश का मतलब क्या है? और यह तो बिल्कुल समझ में नहीं आ रहा है कि रात भर से कलेक्टर अंकल क्या कर रहे थे? 

रात भर से कलेक्टर अंकल क्या कर रहे थे? 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। सड़कों पर पानी भर गया है, गलियों में घुटनों तक पानी है, निचले इलाके पानी में डूब रहे हैं, लोग रात भर घरों में घुसने वाला पानी बाहर निकालते रहे। भोपाल शहर के 25% से अधिक लोग रात भर जागते रहे, बारिश के थम जाने की प्रार्थना करते रहे। यदि वर्षा की गति थोड़ी और तेज होती तो आज भोपाल में बाढ़ जैसे हालात होते। यह आपातकाल जैसी स्थिति थी। कभी भी कुछ भी हो सकता था और रात में लोगों को तत्काल राहत की जरूरत हो सकती थी। सवाल यह है कि रात भर मूसलाधार बारिश होती रही, कलेक्टर साहब क्या कर रहे थे? क्या उनको गुड मॉर्निंग से पहले पता नहीं था, कि भोपाल में क्या हो रहा है। 

सुबह 7:00 बजे भोपाल के तमाम स्कूलों का स्टाफ, किन परिस्थितियों में स्कूल पहुंचा। जिन बच्चों के घरों में पानी भर गया था वह तो स्कूल नहीं गए लेकिन जो रात में बारिश से प्रभावित नहीं हुए वह सुबह स्कूल के लिए तैयार हो गए। पेरेंट्स उनको स्कूल छोड़कर लौट आए। सुबह 7:30 बजे क्लास शुरू हो गई और 8:55 AM · Aug 10, 2026 पर कलेक्टर महोदय छुट्टी घोषित कर रहे हैं। आदेश में लिखा है कि, जिले में अत्यधिक वर्षा को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल जिलान्तर्गत संचालित समस्त शासकीय/अशासकीय/अनुदान प्राप्त (MPBSE/CBSE/ICSE/अन्य) विद्यालयों में आज दिनांक 10.08.2026 को कक्षा नर्सरी से 12वी के विद्यार्थियों हेतु अवकाश घोषित किया जाता है। 

सिर्फ एक सवाल है, यह आदेश सुबह 5:00 बजे जारी नहीं कर सकते थे क्या? लिखित आदेश 10:00 बजे अपलोड कर देते, लेकिन एक व्हाट्सएप मैसेज तो कर सकते थे। कलेक्टर की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को, जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से अपने चैनल को और इस प्रकार स्कूल के प्राचार्य एवं स्टाफ को पता चल जाता है। स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में अपडेट हो जाता तो सब कुछ ठीक रहता। 

कलेक्टर सर, एक कारण बताओ नोटिस खुद के नाम भी जारी कर लीजिए ना। अपने आप से पूछिए ना कि जब जनता परेशान हो रही है तब कलेक्टर के पद पर बैठे उनके संरक्षक, अपने कर्तव्य पर क्यों नहीं थे? 


हंड्रेड परसेंट अटेंडेंस का प्रेशर...

पुलिस हाउसिंग कॉलोनी में जलभराव। पेड़ गिरने से VIP रोड पर जाम लगा। इसके बाद भी बच्चों को स्कूल जाना पड़ा, क्योंकि स्कूल बस आई थी।

विश्वास सारंग फील्ड में पहुंच गए, कलेक्टर कंट्रोल रूम नहीं पहुंच पाए 

लावारिस शहर की हालत देखिए, नरेला विधानसभा से विधायक और मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग सुबह 9:00 बजे फील्ड में पहुंच गए थे। जिन इलाकों में पानी भरा था, वहां की नालियां खुद खड़े होकर साफ करवा रहे थे, और भोपाल जिले के कलेक्टर महोदय अपने ऑफिस तक नहीं पहुंच पाए थे। उन्होंने कंट्रोल रूम का नंबर तक जारी नहीं किया, किसी को परेशानी हो तो तत्काल फोन कर सके। मानसून की शुरुआत में किया था, लोगों को याद रखना चाहिए था। सरकारी सिस्टम यही तो होता है।


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