MP प्राथमिक शिक्षक भर्ती विवाद: चयनित अभ्यर्थियों ने DPI का घेराव किया, बरसते पानी में बैठे हैं

Updesh Awasthee
भोपाल, 10 अगस्त 2026:
प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 में चयनित हुए अभ्यर्थी आज भी प्रदर्शन कर रहे हैं। दो दिनों तक उन्होंने DPI परिसर में धरना दिया। तीसरे दिन स्कूल शिक्षा मंत्री के बंगला और शिवराज सिंह के घर की परिक्रमा करते रहे। आज चौथे दिन चयनित अभ्यर्थियों ने DPI का घेराव शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि, न्याय लिए बिना भोपाल से वापस नहीं जाएंगे। 

ना मामा मिले ना मंत्री और कमिश्नर मिलने को तैयार नहीं

प्रदर्शनकारी आज लोक शिक्षण संचालनालय के दरवाजे पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि, आवेदन पत्र ही क्यों भरवाया, जब उसकी शर्तें मानना नहीं था। इससे पहले रविवार को प्रदर्शनकारी जगत मामा शिवराज सिंह के घर गए थे। प्रदर्शनकारी उनसे मार्गदर्शन चाहते थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि खुला समर्थन नहीं कर सकते तो सहानुभूति तो व्यक्त कर ही सकते हैं, लेकिन मामा के घर में स्टाफ ने बताया कि वह तो बीमार है और आप लोगों से नहीं मिल सकते। प्रदर्शनकारी स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह के बंगले पर भी गए। यहां पर भी मंत्री जी नहीं मिले। स्टाफ रूम में जो अधिकारी मिले उन्होंने किसी से फोन पर बात की और कहा कि सोमवार को लोक शिक्षण संचालनालय चले जाना, आपके साथ अन्याय नहीं होगा। आज जब अभ्यर्थी DPI आए तो किसी ने भी उनसे मिलने से मना कर दिया।

प्रदर्शनकारियों की प्रॉब्लम क्या है

अभ्यर्थियों का कहना है कि जब उन्होंने फॉर्म भरा था तो फॉर्म के क्लॉज़ 49 में स्पष्ट लिखा था कि "इस परीक्षा में भाग लेने वाले जो आवेदक निर्धारित शैक्षणिक योग्यता अर्जित करने की परीक्षा के अंतिम वर्ष में हैं, वे भी परीक्षा में बैठने के लिए मान्य होंगे। ऐसे आवेदकों को उस तिथि को अंकसूची /उपाधि धारित किया जाना अनिवार्य होगा जिस तिथि को उनके परीक्षण हेतु शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र मांगें जाएंगे।" अब जबकि परीक्षा प्रक्रिया पूर्ण हो गई है और नियुक्ति से पहले डॉक्युमेंट वेरीफिकेशन की प्रक्रिया शुरू हुई है तो स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय वालों ने अचानक एलिजिबिलिटी की शर्त बदल दी। कहते हैं कि आवेदन वाले दिन तक शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र होना चाहिए। हम केवल इतना चाहते हैं कि क्लॉज़ नंबर 49 का पालन किया जाए।

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के तर्क

1. रूल बुक का अध्याय एक के विभागीय नियम का नियम क्रमांक 3 " आवेदन पत्र विभाग एवं कर्मचारी चयन मंडल के निर्देश अनुसार है।
सर, इस नियम से प्रमाणित होता है आवेदन पत्र एवं उसकी शर्तें कानूनी एवं प्रभावी शर्तें हैं। 

2. रूल बुक के रूल क्रमांक 3.20 में स्पष्ट नियम दिया है कि, आवेदक आवेदन पत्र भरेगा,esb की लिंक में application ओपन होगा उसी में सभी नियम एवं निर्देश दिए हैं उसी अनुरूप आवेदन करें।
सर इस नियम से प्रमाणित होता है कि आवेदन पत्र में दिए गए शर्तें भी नियम ही थे।

3. रूल बुक में दिया रूल 3.17 का प्रथम नियम, " आवेदन पत्र में दिए गए प्रारूप को नियमों के अनुसार भरें।"
सर इससे यह प्रमाणित होता है कि आवेदन पत्र को उसी में दिए नियमों को देखकर भरना था।

4.  विभाग और मंडल अपने पास संशोधन के अधिकार रखता ऐसे संशोधन बंधनकारी होंगे।
इससे यह प्रमाणित होता है आवेदन पत्र में या अन्य नियमों में शर्त 49 के रूप में ऐसे प्रावधान जोड़ने के अधिकार विभाग के पास सुरक्षित थे।
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