भोपाल, 5 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की गई प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2025 (जिसकी नोडल एजेंसी लोक शिक्षण संचालनालय और परीक्षा आयोजक मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल था) का विवाद खत्म नहीं हुआ है। क्लोज 49 के पालन की मांग को लेकर एक बार फिर भोपाल में प्रदर्शन शुरू हो गया है।
इस बार आश्वासन नहीं नियुक्ति पत्र लेकर जाएंगे
आज एक बार फिर अभ्यर्थी भोपाल में डीबी मॉल के पास MP Board चौराहे पर बैनर लगाकर धरने पर बैठ गए। पिछली बार इन उम्मीदवारों ने लगातार 20 दिन तक DPI के सामने प्रदर्शन किया था। इसके बाद अभ्यर्थियों को न्याय का आश्वासन दिया गया था लेकिन प्रदर्शन समाप्त होने के बाद से लेकर आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस बार उम्मीदवारों का कहना है कि हम आश्वासन नहीं नियुक्ति पत्र लेकर जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों की प्रॉब्लम क्या है
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब उन्होंने फॉर्म भरा था तो फॉर्म के क्लॉज़ 49 में स्पष्ट लिखा था कि "इस परीक्षा में भाग लेने वाले जो आवेदक निर्धारित शैक्षणिक योग्यता अर्जित करने की परीक्षा के अंतिम वर्ष में हैं, वे भी परीक्षा में बैठने के लिए मान्य होंगे। ऐसे आवेदकों को उस तिथि को अंकसूची /उपाधि धारित किया जाना अनिवार्य होगा जिस तिथि को उनके परीक्षण हेतु शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र मांगें जाएंगे।" अब जबकि परीक्षा प्रक्रिया पूर्ण हो गई है और नियुक्ति से पहले डॉक्युमेंट वेरीफिकेशन की प्रक्रिया शुरू हुई है तो स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय वालों ने अचानक एलिजिबिलिटी की शर्त बदल दी। कहते हैं कि आवेदन वाले दिन तक शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र होना चाहिए। हम केवल इतना चाहते हैं कि क्लॉज़ नंबर 49 का पालन किया जाए।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के तर्क
1. रूल बुक का अध्याय एक के विभागीय नियम का नियम क्रमांक 3 " आवेदन पत्र विभाग एवं कर्मचारी चयन मंडल के निर्देश अनुसार है।
इस नियम से प्रमाणित होता है आवेदन पत्र एवं उसकी शर्तें कानूनी एवं प्रभावी शर्तें हैं।
2. रूल बुक के रूल क्रमांक 3.20 में स्पष्ट नियम दिया है कि, आवेदक आवेदन पत्र भरेगा,esb की लिंक में application ओपन होगा उसी में सभी नियम एवं निर्देश दिए हैं उसी अनुरूप आवेदन करें।
इस नियम से प्रमाणित होता है कि आवेदन पत्र में दिए गए शर्तें भी नियम ही थे।
3. रूल बुक में दिया रूल 3.17 का प्रथम नियम, " आवेदन पत्र में दिए गए प्रारूप को नियमों के अनुसार भरें।"
इससे यह प्रमाणित होता है कि आवेदन पत्र को उसी में दिए नियमों को देखकर भरना था।
4. विभाग और मंडल अपने पास संशोधन के अधिकार रखता ऐसे संशोधन बंधनकारी होंगे।
इससे यह प्रमाणित होता है आवेदन पत्र में या अन्य नियमों में शर्त 49 के रूप में ऐसे प्रावधान जोड़ने के अधिकार विभाग के पास सुरक्षित थे।

