भोपाल, 5 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंडला से जबलपुर प्रवास के दौरान अचानक अपने काफिले को रोकने के लिए बोला और प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना सीधे एक ढाबे में चले गए। बाद में लोगों को पता चला कि यह सास बहू का सात्विक ढाबा है। CM MOHAN ने सास बहू की शानदार पार्टनरशिप को प्रमोट किया। यहीं पर उनको एक टीचर भी मिला, जो बच्चों को फ्री कोचिंग देता है। CM ने उनका भी सम्मान किया।
डॉ मोहन यादव से मिलने के लिए लोगों की भीड़ लग गई
मंडला में तेंदुपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कार से डुमना विमानतल आ रहे मुख्यमंत्री डॉ. यादव बरेला में शारदा माता मंदिर के सामने सड़क किनारे लगी चाय की दुकान अग्रवाल होटल पर रुके और यहाँ बैठकर चाय पी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाय दुकान के संचालक से बात की। उन्होंने चाय के पैसे भी खुद चुकाये। मंडला से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सड़क मार्ग से जबलपुर आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय जन उनके स्वागत के लिए बरेला में शारदा माता मंदिर मंदिर के सामने एकत्र हो गए थे। मुख्यमंत्री ने लोगों को देख अपना काफिला रोका और चाय की दुकान पहुँच गये।
मुख्यमंत्री ने फ्री कोचिंग वाले शिक्षक मयंक साहू का सम्मान किया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का काफिला बरेला में सन राइज फेमिली ढाबे पर भी रुका। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सास-बहु द्वारा संचालित इस ढाबे पर भी चाय पी। उन्होंने ढाबा संचालक श्रीमती आरती दुबे और उनकी बहु श्रीमती सुरभि दुबे से परिवार के सदस्यों के हालचाल जाने। डॉ. यादव ने यहाँ बरेला के बच्चों को निःशुल्क कोचिंग दे रहे युवा मयंक साहू का शाल ओढ़ाकर सम्मान भी किया उसके इस नेक कार्य की तारीफ की।

