भोपाल, 5 अक्टूबर 2026: नियुक्ति के 5 साल बाद भी पद के लिए निर्धारित पात्रता परीक्षा पास नहीं करने के कारण वर्ग 3 की एक महिला कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी गई। मामला भोपाल का है। उल्लेखनीय है की राजधानी भोपाल में इसी समय स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारी (शिक्षक) पात्रता परीक्षा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि हम किसी भी हालत में पात्रता परीक्षा नहीं देंगे। जबकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार यदि पात्रता परीक्षा पास नहीं की तो सेवा समाप्त हो जाएगी।
यह मामला नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का है। महिला कर्मचारी का नाम अनीता विश्वकर्मा है। यांत्रिकी प्रकोष्ठ में वर्ग 3 के पद पर नियुक्त किया गया था। नियम के अनुसार नियुक्ति के 5 साल के भीतर सीपीसीटी प्रमाण-पत्र (कम्प्यूटर टाइपिंग दक्षता प्रमाण पत्र) परीक्षा पास करना जरूरी था, लेकिन निर्धारित 5 साल की अवधि में महिला कर्मचारी द्वारा पात्रता परीक्षा (CPCT) पास नहीं की गई। इसके चलते डिपार्टमेंट द्वारा महिला कर्मचारी अनीता विश्वकर्मा की सेवा समाप्त कर दी गई। अनीता की उम्र 49 साल है। उनका कहना है कि, परीक्षा पास करने के लिए हम पढ़ाई करें या बच्चों को पढ़ाएं, और उम्र के कारण अब आंख भी कमजोर हो गई है।
यह मामला एक अपवाद भी हो सकता है क्योंकि अनीता विश्वकर्मा को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी।
पात्रता परीक्षा के खिलाफ कर्मचारी संघ कई सालों से संघर्ष कर रहा है
कर्मचारी संगठन कई वर्षों से मांग कर रहे हैं कि अनुकंपा नियुक्ति मामले में सीपीसीटी का बंधन समाप्त किया जाए। इसके माध्यम से आश्रितों को आर्थिक सहायता मुहैया कराना होता है ना कि योग्यता साबित करना। 49 साल की उम्र में नौकरी से बर्खास्त करना सही नहीं है। इस उम्र में किसी भी व्यक्ति के लिए योग्यता साबित करना आसान नहीं होता है।
उमाशंकर तिवारी, महामंत्री, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ मप्र।
कर्मचारी संगठनों की मानें तो अनुकंपा नियुक्ति का मकसद मृत्यु के बाद उसके आश्रित परिवार को तत्काल आर्थिक सहारा देना होता है। इसका मतलब हुआ कि आश्रित परिवार के सदस्य के पास जो भी योग्यता है, उसके आधार पर उसकी नियुक्ति दी जानी चाहिए। योग्यता शर्त के कारण समाप्त किए जाने का मामला मानवीय और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सवाल खड़े करता है। पांच साल विभाग में सेवा और वेतन लेने के बाद अब योग्यता की शर्तों से रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

