भोपाल, 1 अगस्त 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सीलिंग की कार्रवाई शुरू हो गई है। अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर, बावड़ियाकलां समेत कई इलाकों में आवासीय परिसरों में कमर्शियल एक्टिविटी के खिलाफ नोटिस के बाद शनिवार से सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आज 15 से ज्यादा ऐसे परिसरों को सील किया गया जहां पर व्यापारिक गतिविधियां चल रही थी।
नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। निगम के अनुसार रहवासी क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध नियमानुसार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उपायुक्त भुवन गुप्ता ने बताया कि निगम ने कार्रवाई से पहले सभी को नियमानुसार नोटिस दिए थे। कई दुकानदारों ने स्वैच्छा से एक्टिविटी बंद कर दी है। उन्हें आगामी आदेश तक व्यवसाय नहीं करने की बात कही है।
अरेरा कॉलोनी में 9 और बावड़ियां कला में 10
शनिवार को निगम अरेरा कॉलोनी में 9 और बावड़ियां कला में 10 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर शनिवार को तालाबंदी करेगा। इनमें कई बड़े शोरूम और रेस्त्रां हैं, जिनके कारण ट्रैफिक बाधित होने की शिकायतें मिलती रही हैं। आवासीय प्लॉटों पर व्यावसायिक गतिविधियां बंद कराने की यह कार्रवाई डेढ़ माह पहले शुरू हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 15 जून को अरेरा कॉलोनी और बावड़िया कला क्षेत्र में नोटिस दिए गए थे।
भूमि विकास नियमों में 29 जून को किए गए संशोधन लागू करो: 10 नंबर मार्केट व्यापारी महासंघ
तालाबंदी के नोटिस के बाद 10 नंबर मार्केट के व्यापारी प्रदर्शन कर रहे हैं। व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि हमारी कोई गलती नहीं है। हम कमर्शियल दर पर बिजली बिल और प्रॉपर्टी टैक्स दे रहे हैं। हमारे पास नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस और जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी है। शहर में पिछले 21 वर्षों से मास्टर प्लान नहीं आया और नए कमर्शियल क्षेत्र चिह्नित नहीं हुए, इसलिए ऐसी स्थिति बनी। हम अपनी दुकानें लेकर कहां जाएं? सरकार चाहे तो गुजरात की तर्ज पर नया कानून बना सकती है या भूमि विकास नियमों में 29 जून को किए गए संशोधन लागू कर सकती है।
सीलिंग की कार्रवाई पुराने भोपाल से शुरू करो: पार्षद पति रामबाबू पाटीदार
दोपहर में निगम अमला वार्ड-52 स्थित बावड़ियाकलां पहुंचा। जहां एक टैटू शॉप को सील करने को लेकर अमले से पार्षद पति रामबाबू पाटीदार की नोंकझोंक हो गई। अमले में शामिल एक कर्मचारी से बहस भी की। जोन प्रभारी नीलेश श्रीवास्तव ने बीचबचाव किया। पाटीदार पूर्व पार्षद भी हैं। जिन्होंने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया। उनका आरोप है कि नगर निगम ने व्यापारियों को रातों-रात नोटिस थमा दिए, जिससे उनमें असमंजस और भय का माहौल बन गया है। पूर्व पार्षद पाटीदार ने यह भी कहा कि यदि नियमों के तहत कार्रवाई की जानी है तो इसकी शुरुआत पुराने शहर से होनी चाहिए। उनके अनुसार केवल कुछ क्षेत्रों को निशाना बनाना उचित नहीं है और कार्रवाई सभी स्थानों पर समान रूप से होनी चाहिए।

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