भोपाल, 16 अगस्त 2026: भोपाल रीवा ट्रैफिक फेस्टिवल से मोटा मुनाफा बनाने के, पश्चिम मध्य रेलवे का प्लान बैकफायर करते हुए दिखाई दे रहा है। रेल प्रशासन ने प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत में कोच संख्या डबल कर दी थी, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। पब्लिक अभी भी रेवांचल से जाना पसंद कर रही है।
रेलवे ने फेस्टिवल में डिस्काउंट नहीं दिया, प्रीमियम कमाने का प्लान किया
अब तक कहना पड़ेगा की एक जमाना था, जब फेस्टिवल सीजन में लोगों को उनके घर ले जाने के लिए रेलवे की तरफ से डिस्काउंट दिया जाता था, लेकिन आप रेलवे, किसी बेईमान बनिए की तरह मौके का फायदा उठाता है। रेल प्रशासन द्वारा पश्चिम मध्य रेल पर संचालित गाड़ी संख्या 20174/20173 रीवा–रानी कमलापति–रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस की रेक संरचना (Composition) में 75 दिनों के लिए अस्थायी संशोधन किया है। 8-कोच वंदे भारत रेक के स्थान पर 7 अगस्त से 24 अक्टूबर 2026 तक 16-कोच वाली वंदे भारत रेक का संचालन किया जा रहा है। रेलवे का रिकार्ड बताता है कि, फेस्टिवल सीजन में भोपाल और रीवा के बीच भारी ट्रैफिक आता है। रेलवे स्टेशन फुल हो जाता है। स्लीपर क्लास की हालत जनरल क्लास जैसी हो जाती है। इस बात का फायदा उठाने के लिए रेलवे ने वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन में सीटों की संख्या डबल कर दी। अधिकारियों का सूचना था कि, फेस्टिवल सीजन है मोटा मुनाफा कमाएंगे, लेकिन शायद उनको यह नहीं पता था कि रीवा के लोग हैं, इस तरह के झांसे में नहीं आएंगे।
हर रोज सैकड़ो सीट खाली जा रही हैं
दरअसल, रेलवे के अधिकारियों ने भोपाल रीवा भोपाल वंदे भारत (गाड़ी संख्या 20174/20173) ट्रेन में कोच संख्या बढ़ने से पहले होमवर्क नहीं किया। Gen Z की तरह 1 मिनट में फैसला ले लिया। नतीजा सबके सामने है। हम बताते हैं बात क्या है और गड़बड़ कहां हुई है:-
- रेवांचल एक्सप्रेस का ट्रैवल टाइम 9:45 घंटे है और वंदे भारत का 8.05 घंटे। मतलब करीब डेढ़ घंटे का फायदा हो रहा है। यदि वंदे भारत से जाएंगे तो डेढ़ घंटे पहले पहुंच जाएंगे। अब फेस्टिवल में आदमी घर जा रहा है, डेढ़ घंटे देर से भी पहुंच जाएगा तो क्या ही फर्क पड़ता है।
- रेवांचल में थर्ड एसी बर्थ का किराया 950 रुपए है। आराम से सोते हुए जाते हैं। वंदे भारत में AC Chair car (CC) का किराया 1515 रुपए है। मतलब किराए में 565 का अंतर है। 59% अधिक देना पड़ रहा है। फिर भी बैठ कर जाना पड़ता है। कुर्सी कितनी भी अच्छी हो लेकिन 8 घंटे बैठे रहना, मजा नहीं सजा सा लगता है।
- दोनों के किराए में 565 का अंतर है। कितने रुपए में पूरे सफर का चाय पानी, खाना, बिस्कुट, चिप्स सब कुछ आ जाता है।
- वंदे भारत की सबसे सस्ती कुर्सी 1515 रुपए से तो रेवांचल एक्सप्रेस की AC-2nd क्लास बढ़िया है। 1315 रुपए किराया है। वंदे भारत से ₹200 कम मूल्य में AC-2nd क्लास का आनंद।
- वंदे भारत की प्रीमियम कुर्सी Exec. Chair Car (EC) का किराया ₹2780 है। जबकि रेवांचल में ₹2175 में AC-1st मिल रहा है। समझ रहे हो ना, कहां AC-1st और कहां बड़ी कुर्सी।
इस मामले में हमने रेलवे से पूछा है कि दिनांक 7 अगस्त से लेकर 16 अगस्त तक संबंधित ट्रेन में प्रतिदिन कितनी सीट खाली गई। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी की ओर से इस बारे में समाचार के लिखे जाने तक कोई जानकारी नहीं दी गई थी। हमने आईआरसीटीसी पर चेक किया तो पता चला कि आने वाले दिनों में 17 अगस्त से लेकर 22 अगस्त तक प्रतिदिन 800 से अधिक AC Chair car (CC) और Exec. Chair Car (EC) श्रेणी में प्रतिदिन 60 से अधिक सीट खाली चल रही है। मतलब रिजर्वेशन के लिए उपलब्ध हैं।
वंदे भारत EC से तो SUV अच्छी
अब फेस्टिवल में भोपाल से रीवा जाने के लिए टाइम की तो कोई वैल्यू है नहीं। किराए की बात करें तो वंदे भारत के एक्जीक्यूटिव क्लास वाली कुर्सी से SUV ज्यादा सस्ती पड़ रही है। वंदे भारत में EC का किराया 2780 रुपए है। मतलब चार लोगों का किराया 11120 हुआ। जबकि SUV का किराया केवल ₹8,800 है। टाइम वही 10 घंटे लगते हैं। आराम से चाय नाश्ता करते हुए जाएंगे तो 12 घंटे में पहुंच जाएंगे।

.webp)