भोपाल, 6 अगस्त 2026: Commercial activities in residential areas मामले को लेकर भोपाल में आज बड़ा कलेश हो गया। लिंक रोड नंबर-2 पे जो नगर निगम का दफ्तर है ना, वहाँ कांग्रेसी बंदों ने जम के हल्ला मचाया और पुतला फूंक दिया। कांग्रेस वाले बोल रहे हैं कि 25 साल से सरकार भोपाल का मास्टर प्लान दबाए बैठी है, पर उसे ला नहीं पा रही।
इन लोगों का कहना है कि जब कांग्रेस की 15 महीने की सरकार थी, तब मास्टर प्लान का काम बिल्कुल आखिरी दौर में था। अगर एक महीना और मिल जाता, तो मास्टर प्लान कब का लागू हो जाता। अब सरकार और निगम की इसी ढिलाई की वजह से बेचारे व्यापारियों की शामत आ गई है। इसलिए माँग की गई है कि जल्दी से मास्टर प्लान लागू करो और जब तक वो नहीं आता, तब तक 'मिक्स लैंड यूज' वाली व्यवस्था चालू कर दो ताकि लोगों को थोड़ी राहत मिले।
पार्षद गुड्डू चौहान भाई तो अलग ही भड़के हुए थे। उन्होंने साफ़ बोल दिया कि जब कोई नियम ही नहीं बना, तो निगम इतने सालों से दुकानदारों से कमर्शियल टैक्स किस बात का वसूल रहा है? उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि निगम को व्यापारियों का पूरा पैसा तुरंत वापस करना चाहिए। उधर शोएब खान मियां ने भी लपेटे में लेते हुए कहा कि अगर निगम कोर्ट-कचहरी में अपना पक्ष सही ढंग से रखता, तो आज ये नौबत ही नहीं आती, इसी चक्कर में आज ये पुतला दहन का प्रोग्राम हुआ है।
मामला क्या है
भोपाल के कई इलाकों (अरेरा कॉलोनी, 10 नंबर, बावड़ियाकलां इत्यादि) में आवासीय भवनों (residential buildings) में जो दुकानें, शोरूम, रेस्टोरेंट, अस्पताल और बैंक इत्यादि संचालित हो रहे हैं, उन्हें अवैध घोषित कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि रेजिडेंशियल इलाकों में किसी भी प्रकार की कमर्शल गतिविधियों को तत्काल बंद किया जाए। फेस्टिवल सीजन से पहले भोपाल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी व्यापारियों के साथ मिलकर इसी बात का विरोध कर रही है।
