भोपाल, 21 अगस्त 2026: राजधानी भोपाल में आज पहली बार मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत, वह काम हुआ जिसके लिए मुख्यमंत्री ने अभियान की शुरुआत की है। प्रॉपर्टी से संबंधित 12 साल लंबा विवाद सुलझ गया। दो परिवारों को अपना घर मिल गया। शिविर के दौरान तत्काल पजेशन की कार्रवाई हुई।
Bhopal Kolar: Two Families Get Possession of Their Homes After 12 Years Under CM Jan-Vishwas Campaign
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत गुरुवार को कोलार तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय एवं नगर निगम भोपाल के जोन क्रमांक-19 परिसर में विशेष कॉलोनी सेल जनसुनवाई शिविर आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को "नो मीटिंग डे" घोषित किया था लेकिन भोपाल कलेक्टर ने शिविर का उद्देश्य “मीटिंग कम, काम ज्यादा” कर दिया। जमकर भाषण बाजी हुई, नेतागिरी की गई और समस्याओं के समाधान को छोड़कर सब कुछ हुआ। एक जबरदस्त इवेंट दिखाई दिया लेकिन एक काम हुआ जिसका उल्लेख किया जाना चाहिए।
एडीएम सुमित पांडे मैं बिल्डर को बुलाया और खटाक - प्रॉब्लम सॉल्व
एडीएम श्री सुमित पांडे को जनसुनवाई में पिंक सिटी कॉलोनी के दो परिवारों ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से अपने आवास का आधिपत्य प्राप्त करने के लिए परेशान थे। प्रशासन ने बिल्डर को मौके पर बुलाकर सीधी चर्चा की और दोनों परिवारों को उसी दिन आवास का आधिपत्य दिलाया। सर्वजन गृह निर्माण सोसायटी के रहवासियों से संवाद कर उनकी शिकायतों का तत्काल निराकरण कराया गया। हालांकि एडीएम ने यह नहीं बताया कि, शिकायत क्या थी जिसे तत्काल निराकरण कर दिया गया।
दो मामले पेंडिंग
माय सिटी कॉलोनी में विद्युत आपूर्ति एवं अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों पर बिल्डर को दो माह के भीतर सभी आवश्यक अधोसंरचनात्मक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मंदाकिनी गृह निर्माण सोसायटी में लंबे समय से लंबित निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से शीघ्र पूरा कराने के लिए वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। बाकी सब नेतागिरी होती रही जो आपको, सोशल मीडिया पर पढ़ने और देखने को मिल जाएगा।

