भोपाल, 2 अगस्त 2026: किसानों का सबसे बड़ा शोषण मंडी में होता है, खुलेआम होता है और कलेक्टर के संरक्षण में होता है। यदि ऐसा नहीं होता तो प्राप्त शिकायतों पर कलेक्टर द्वारा कार्रवाई जरूर की जाती। एक युवा किसान ने वीडियो के साथ शिकायत भेजी है। 29 जुलाई से 1 अगस्त तक, इसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आप बताइए किसान अपने सिर पर मूंग रखकर न्याय के लिए कितने दिन तक इंतजार कर सकता है?
Bhopal Karond Mandi: Moong Rejected Allegedly Over Bribe Refusal, Farmers in Trouble
किसान को तत्काल मदद की जरूरत होती है, लेकिन मंडी में ना तो कोई विपक्ष का नेता होता है और ना ही सत्ता पक्ष का कोई कैंप लगा होता है। यहां तक की शिकायत के लिए कोई व्हाट्सएप नंबर भी नहीं होता। रही बात मंडी मीडिया की तो वह तो हमेशा अधिकारियों और वेयरहाउस के साथ रहते हैं। यह सब लोग किसानों की आवाज केवल तब उठाते हैं जब अधिकारियों से पंगा हो जाता है और उनके ऊपर प्रेशर क्रिएट करना होता है। मजे की बात यह है कि मध्य प्रदेश में 50 से ज्यादा बड़े सक्रिय किसान संगठन है लेकिन मंडी में किस की मदद के लिए कोई किसान नेता उपस्थित नहीं होता, और रही बात किसान की तो वह भी सिर्फ सरकार, गोदी मीडिया और किस्मत को कोसता रहता है। हम यहां पर किस की शिकायत और शिकायत के साथ वीडियो को, जैसा है बिल्कुल वैसा ही प्रकाशित कर रहे हैं, ताकि आप शिकायतकर्ता की स्थिति, किसान की परेशानी और परिस्थितियों को ठीक प्रकार से समझ सकें।
सेवा में,
प्रबंधक/क्षेत्रीय प्रबंधक महोदय जी
केंद्रीय भंडारण निगम,भोपाल
जिला - भोपाल (मध्य प्रदेश)
विषय: उपार्जन केंद्र "किसान विपणन सहकारी समिति भोपाल, करोंद मंडी (CWC Warehouse Bhopal)" के सर्वेयर वाहिद अली द्वारा मूंग खरीदी के दौरान रिश्वत मांगने, तौल रोकने एवं अभद्र व्यवहार करने के संबंध में शिकायत एवं वैधानिक कार्रवाई बाबत।
महोदय
सविनय निवेदन है कि मैं भोपाल जिले का एक पंजीकृत किसान हूँ। मेरी मूंग की फसल की सरकारी खरीदी हेतु विवरण निम्नानुसार है:
किसान का नाम: संजय गौर
किसान कोड: 222280005080
पंजीकृत जिला: भोपाल
स्लॉट बुकिंग दिनांक: 29/07/2026
उपार्जन केंद्र का नाम व कोड: किसान विपणन सहकारी समिति भोपाल, क्रोंद मंडी CWC Warehouse (उपार्जन केंद्र कोड: 58428009)
घटना का विस्तृत विवरण:
दिनांक 29/07/2026 को मैं अपने आवंटित स्लॉट के अनुसार अपनी कुल 9 क्विंटल मूंग की उपज लेकर उक्त उपार्जन केंद्र पर उपस्थित हुआ था। केंद्र पर उपस्थित सर्वेयर वाहिद अली ने प्रारंभ में मेरी उपज की गुणवत्ता की जांच की और उसे सही (मानक स्तर का) पाकर तौल शुरू करवाया।
मेरी कुल उपज में से 5.5 क्विंटल मूंग की तौल सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी थी। इसके पश्चात, ड्यूटी पर तैनात सर्वेयर ने अचानक तौल रुकवा दी और मुझसे बची हुई उपज को तौलने के एवज में ₹2,000/- (दो हजार रुपये) की अवैध राशि (रिश्वत) की मांग की। सर्वेयर ने मुझे धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए, तो बची हुई 3.5 क्विंटल मूंग की तौल नहीं होने दूंगा और तुम्हारी फसल में जानबूझकर कमी (रिजेक्शन) निकाल दूंगा।
जब मैंने भ्रष्टाचार का विरोध करते हुए रिश्वत देने से साफ मना किया, तो सर्वेयर वाहिद अली ने मेरी बची हुई उपज को तौलने से पूरी तरह इनकार कर दिया। साथ ही, अत्यंत अमर्यादित और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा— "अब तुम्हारा मूंग रिजेक्ट कर दिया है, नहीं तौलेगा, जो उखाड़ना है वो उखाड़ ले, जहाँ शिकायत करना है कर लो।

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