भोपाल, 29 अगस्त 2026: मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री कृष्णा गौर के विधानसभा क्षेत्र 'गोविंदपुरा' में बीडीए (BDA) कॉलोनी की मुख्य सड़क आज तथाकथित 'विकास मॉडल' का उपहास उड़ा रही है। सड़क की जर्जर स्थिति और प्रशासनिक उपेक्षा यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि कागजी विकास और जमीनी हकीकत के बीच एक गहरी विडंबना व्याप्त है।
जमीनी हकीकत: सड़क और ड्रेनेज की स्थिति
क्षेत्र के निरीक्षण और स्थानीय स्थितियों का विश्लेषण करने पर बुनियादी ढांचे की चरमराई हुई तस्वीर स्पष्ट होती है। बीडीए कॉलोनी को जाने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। सड़क पर गहरे गड्ढे इस कदर व्याप्त हैं कि आवागमन किसी जोखिम से कम नहीं रह गया है। कॉलोनी के चैंबर महीनों से भरे पड़े हैं। जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह ठप है, जिसके कारण गंदगी का जमाव जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। इन समस्याओं के चलते रहवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सड़क पर गड्ढे हों या चैंबरों में जमा गंदगी, जनता की दुर्दशा को देखने वाला कोई नहीं है।
जनप्रतिनिधियों की बेरुखी और प्रशासनिक मौन
इस क्षेत्र की दुर्दशा पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। स्थिति इतनी गंभीर है कि स्थानीय रहवासियों ने "लापता पार्षद" का तंज कसना शुरू कर दिया है, मानो चुनाव जीतने के बाद पार्षद जनता की तलाश करना ही भूल गए हों। यहाँ एक बड़ा सवाल खड़ा होता है। क्या जनप्रतिनिधियों ने यह मान लिया है कि यदि जनता उन्हें लगातार चुनाव जिताती ही रहेगी, तो फिर उनकी समस्याएं सुनने और उन्हें हल करने की कोई आवश्यकता नहीं है? यह प्रशासनिक संवेदनशून्यता लोकतांत्रिक जवाबदेही पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न है।
जनता के तीखे सवाल
गोविंदपुरा की यह बदहाली केवल एक सड़क की कहानी नहीं है, बल्कि यह जवाबदेही के अभाव का साक्षात प्रमाण है। सवाल यह है कि क्या विकास का यह मॉडल केवल कागजों तक ही सीमित है? क्या जिम्मेदारों की नजर इन गड्ढों और भरे हुए चैंबरों पर तभी पड़ेगी जब अगला चुनाव सिर पर होगा? क्षेत्र की जनता को इस दयनीय स्थिति में छोड़ देना मंत्री और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरा संदेह पैदा करता है। अब समय आ गया है कि मंत्री कृष्णा गौर और जिम्मेदार अधिकारी यह तय करें कि जनता को इस नारकीय 'विकास' से कब मुक्ति मिलेगी, या फिर रहवासियों को अगले चुनाव तक इसी बदहाली में जीने के लिए अभिशप्त रहना होगा?

