भोपाल, 8 जुलाई 2026: सोशल मीडिया पर नहीं दुनिया भर की मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में ट्रेन का एक इंजन पटरी पर खड़ा हुआ है और स्टाफ का एक व्यक्ति समोसे खरीद कर इंजन में चढ़ता है, फिर इंजन आगे बढ़ने के लिए होरन बजाता है। वीडियो बनाने वाले ने बताया कि समोसे के लिए ट्रेन रोक दी। इस मामले में रेलवे ने अपना पक्ष रखा है और हमने इसके बारे में कुछ नियमों की जानकारी एकत्रित की है। आपके सामने दोनों बात रखेंगे ताकि आप सही फैसला तक पहुंच सकें।
सबसे पहले वायरल वीडियो देखिए - जो न्यूज़ एजेंसी PTI द्वारा जारी किया गया
— Adhiraj Awasthi (@AdhirajOnline) July 8, 2026
न्यूज़ एजेंसी Press Trust of India एक प्रतिष्ठित न्यूज़ एजेंसी है जिसके बारे में कहा जाता है कि, समाचार की पुष्टि करने के बाद ही इस न्यूज़ एजेंसी द्वारा समाचार प्रसारित किए जाते हैं। यह वीडियो PTI द्वारा ही जारी किया गया था, जो देश भर में वायरल हो गया था।
9 घंटे बाद PTI ने वीडियो हटाया और स्पष्टीकरण जारी किया, यह देखिए
वीडियो अपलोड करने के पूरे 9 घंटे बाद PTI ने वीडियो को हटाया और एक स्पष्टीकरण जारी किया जिसमें उन्होंने बताया कि, यात्री ट्रेन नहीं नहीं बल्कि मालगाड़ी थी। शुरुआती जानकारी गलत पाई गई इसलिए हमने वीडियो हटा दिया है। हालांकि PTI ने पहले पब्लिक के कहने पर वीडियो अपलोड कर दिया था और बाद में अधिकारी के कहने पर हटा दिया। 9 घंटे बाद भी नियमों की बात नहीं की।
CORRECTION: An earlier video (screenshot below) posted on PTI's X handle was published based on the initial information available at the time. After the video went viral on social media, the PRO of the Ratlam Division, Mukesh Kumar, told PTI that the Railways would investigate… pic.twitter.com/zRQLG4Cdgq
— Press Trust of India (@PTI_News) July 8, 2026
वेस्टर्न रेलवे द्वारा जारी Fact Check
वेस्टर्न रेलवे द्वारा अपने आधिकारिक X हैंडल से वीडियो का Fact Check जारी किया गया। मतलब जिस डिपार्टमेंट पर आरोप लगा है, उसने स्पष्टीकरण नहीं दिया बल्कि Fact Check जारी कर दिया। इसमें उन्होंने लिखा कि, वह पैसेंजर ट्रेन नहीं थी बल्कि मालगाड़ी थी। समोसे खरीदने के लिए नहीं रुकी थी बल्कि यह उसका ऑपरेशनल स्टॉप था। इसके अलावा किसी पॉलिटिकल लीडर की तरह वीडियो रिकॉर्ड करने वाले को दोषी घोषित किया और यह भी कहा कि उसने वीडियो को गलत तरीके से पेश किया गया।
Fact Check
— Western Railway (@WesternRly) July 8, 2026
The claim made in this post is false and misleading.
The goods train (CGPT), hauled by Loco Nos. 27237 & 27600, was already halted at RAU Home Signal due to scheduled engineering work in the RAU yard. It was not stopped to purchase food.
During this operational halt,… https://t.co/HMbEm1F3p9 pic.twitter.com/H64Sshuyvq
अब करते हैं घटना का Fact Check समोसे के लिए ट्रेन रुकी
सबसे पहले कॉमन सेंस की बात कर लेते हैं। वीडियो में यूनिफार्म में रेलवे का एक स्टाफ पॉलिथीन में कुछ ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। जिसने वीडियो बनाया वह समोसे बता रहा है। जब रेलवे का स्टाफ इंजन में पहुंच जाता है तब इंजन को स्टार्ट किया जाता है और हॉर्न बजाया जाता है। लोगों को रेलवे के नियमों के बारे में नहीं पता, ऑपरेशनल स्टॉप भी नहीं जानते। केवल इतना जानते हैं की ट्रेन रुकी, समोसे खरीदे और ट्रेन चल दी।
अब करते हैं नियमों की बात: Indian Railways G&SR Rule 4.61 के अनुसार "No Loco Pilot shall leave his working locomotive when on duty... except in case of absolute necessity and after a competent railway servant has been placed in charge of the locomotive."
इसका मतलब हुआ कि ट्रेन के इंजन में सवार लोको पायलट स्टाफ का कोई भी सदस्य ड्यूटी के दौरान इंजन छोड़कर नहीं जा सकता जब तक की ऐसा करना ट्रेन की सुरक्षा के लिए, यात्रियों की जान की सुरक्षा के लिए अति आवश्यक ना हो जाए अथवा रेलवे के ऐसे अधिकारी द्वारा आदेशित किया गया हो जो इस प्रकार का आदेश देने के लिए अधिकृत है। कृपया यहां क्लिक करके इस नियम की पुष्टि कर सकते हैं और CHAPTER IV WORKING OF TRAINS GENERALLY A. Timing and Running of Trains जो की 50 पेज की पीडीएफ फाइल है, डाउनलोड करके सभी नियमों को विस्तार से पढ़ सकते हैं। नियमों में यह भी स्पष्ट है कि, इंजन में सवार लोको पायलट स्टाफ के लिए चाय नाश्ता इत्यादि का इंतजाम करना स्टेशन मास्टर की जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष:- नियम स्पष्ट कहते हैं कि, लोको पायलट ऐसी किसी भी स्थिति में इंजन को छोड़कर नहीं जा सकता जो नियमों के अनुसार उसे अनुमति नहीं देती। वायरल वीडियो में लोको पायलट स्टाफ का एक सदस्य नाश्ते की दुकान से नाश्ता लेकर जाता हुआ दिखाई दे रहा है। उसके इंजन पर सवार होने के बाद हॉर्न बजाया गया। अतः रेलवे को नेताओं की तरह खबर का खंडन नहीं करना चाहिए बल्कि ऑपरेशनल स्टॉपेज पर, स्वादिष्ट समोसे की लालच में, नियमों का उल्लंघन करने वाले लोको पायलट स्टाफ के सदस्य के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और जनता को विश्वास दिलाना चाहिए कि ऐसा आगे नहीं होगा।
सच को स्वीकार करना और गलती मान लेना ही अच्छे शासन का धर्म है। लोको पायलट स्टाफ और वीडियो बनाने वाले के बीच में समोसे को लेकर कोई लड़ाई नहीं हुई थी। उसमें जो कुछ भी रिकॉर्ड किया, वह अपनी सामान्य जानकारी और मासूमियत के साथ किया। एक जागरूक नागरिक का धर्म निभाया।
PTI का फैक्ट चेक
न्यूज़ एजेंसी PTI ने जरूर गलत किया। एक जिम्मेदार न्यूज़ एजेंसी होने के नाते उसको इस वीडियो के बारे में रेलवे का पक्ष लेना चाहिए था। 9 घंटे बाद जब रेलवे द्वारा उसकी खबर का खंडन किया गया तो वीडियो हटाने से पहले भी नियमों की जानकारी लेनी चाहिए थी। भारत में न्यूज़ एजेंसी, केवल समाचारों की वितरक नहीं होती, समाचार की सत्यता को प्रमाणित करना, न्यूज़ एजेंसी का काम होता है। इसीलिए सरकार द्वारा न्यूज़ एजेंसी को लाखों रुपए का भुगतान किया जाता है। ताकि मीडिया तक सही समाचार पहुंचें।

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