भोपाल समाचार, 8 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार, 8 जुलाई 2026 को भोपाल में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक में मप्र कैबिनेट ने अधोसंरचना विकास और पुनर्वास कार्यों के लिए 2300 करोड़ रुपये की बड़ी राशि को स्वीकृति प्रदान की है। सरकार का मुख्य ध्यान राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और डूब प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने पर है।
मध्यप्रदेश स्टेट डाटा सेंटर 3.0 आधुनिकीकरण और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 800 करोड़ का निवेश
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव पर अमल करते हुए कैबिनेट ने मध्यप्रदेश स्टेट डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण और डिजास्टर रिकवरी कार्यों के लिए 800 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसके तहत 'स्टेट डाटा सेंटर 3.0' परियोजना के माध्यम से आईटी अवसंरचना का विस्तार किया जाएगा, जिससे सरकारी सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी अधिक सुरक्षित और तेज हो सकेगी। साथ ही, विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डाटाबेस और बॉयो टेक्नोलॉजी पार्क जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को 2031 तक निरंतर रखने हेतु 123 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना 2031 तक बढ़ी: सरकारी स्कूल के मेधावी छात्रों को मिलेगा लाभ
शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन देते हुए मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक निरंतर रखने के लिए 495 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस योजना के अंतर्गत शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रथम प्रयास में न्यूनतम 70% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्कूल शिक्षा विभाग के लोक-वित्त पोषित कार्यक्रमों और एनसीसी (NCC) के सुचारू संचालन के लिए 2031 तक 543.09 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की निरंतरता को भी स्वीकृति मिली है।
मध्यप्रदेश उपार्जित अनाज निस्तारण नीति 2026: गेहूँ, चना और बाजरा विक्रय की नई व्यवस्था
किसानों के हित और उपार्जित अनाज के बेहतर प्रबंधन के लिए मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूँ, चना, ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति 2026 को मंजूरी दी गई है। इस नीति के माध्यम से ई-निविदा और ई-ऑक्शन की पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाएगी ताकि अनाज का अधिकतम मूल्य प्राप्त किया जा सके। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय कमेटी अनाज के सुरक्षित भंडारण और विक्रय के लिए रिजर्व प्राइस (Upset Price) तय करेगी।
नमो हरित नगर योजना: एमपी के 65 नगरीय निकायों में विकसित होंगे 'नगर वन'
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नगरीय विकास एवं आवास विभाग की 'नमो हरित नगर योजना' के लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। आगामी 5 वर्षों में प्रदेश के 65 नगरीय निकायों में न्यूनतम आधा एकड़ क्षेत्र में 'नगर वन' विकसित किए जाएंगे। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य शहरी नागरिकों को स्वच्छ वायु, जैव विविधता और अनुकूल जलवायु प्रदान करना है, जिससे शहरों का सौंदर्यीकरण भी होगा।
केन-बेतवा लिंक और सिंचाई परियोजना पुनर्वास पैकेज: पन्ना जिले के विस्थापितों को मिली बड़ी राहत
जल संसाधन विभाग के तहत पन्ना जिले की केन-बेतवा लिंक, रूंज और मझगांव सिंचाई परियोजना के प्रभावितों के लिए 202.50 करोड़ का अतिरिक्त पुनर्वास पैकेज मंजूर किया गया है। केन-बेतवा परियोजना में 313 नए परिवारों को विशेष पैकेज में शामिल किया गया है। वहीं, रूंज और मझगांव परियोजनाओं के विस्थापितों को अब केन-बेतवा के समान ही 12.50 लाख रुपये प्रति परिवार का मुआवजा मिलेगा, जिसके लिए क्रमशः 54.75 करोड़ और 108.75 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
मप्र स्वास्थ्य विभाग भर्ती नियम 2022: विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती और अनिवार्य पदस्थापना
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कैबिनेट ने विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभागीय स्तर पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया को स्वीकृति दी है। अब प्रत्येक माह की 1 तारीख को रिक्तियां 'MP Online' पर दिखाई देंगी और साक्षात्कार के माध्यम से चयन होगा। चयनित डॉक्टरों को प्रथम 3 वर्ष तक अनिवार्य रूप से आवंटित स्थान पर ही सेवा देनी होगी और इस अवधि के दौरान उनका स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा।
एमपी आईटी और ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी 2023 में संशोधन और निवेश के नए अवसर
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम (ESDM) इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी 2023 के संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। नई नीति के तहत पुरानी आईटी कंपनियों को 30% अतिरिक्त निवेश करने पर नई कंपनियों के समान लाभ मिलेंगे। जमीन आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और ई-बिडिंग आधारित बनाया गया है, हालांकि मेगा प्रोजेक्ट्स को सीधे 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर जमीन मिल सकेगी।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम और राजस्व विभाग की स्वामित्व योजना में बड़ी छूट
कमजोर वर्गों को विधिक सहायता देने के लिए लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम को 2031 तक जारी रखने हेतु 42 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही, राजस्व विभाग की 'स्वामित्व योजना' के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अभिलेखों के पंजीयन पर लगने वाले अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क और उपकर में छूट देने का निर्णय लिया गया है। मंत्रि-परिषद ने "भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक: 2026" के प्रारूप को भी हरी झंडी दे दी है।

