भोपाल, 14 जुलाई 2026: लो जी, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह के नेतृत्व में डिपार्टमेंट की हालत इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि, प्राइमरी के बच्चे भी डिपार्टमेंट के डिसीजंस के खिलाफ आंदोलन करने लगे हैं। आज मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान रतलाम में प्राइमरी के स्टूडेंट्स ने अपने पेरेंट्स के साथ आकर प्रोटेस्ट किया। उनके हाथों में तख्तियां थी जिनमें नारे लिखे हुए थे। एक तख्ती पर लिखा हुआ था "हमने आपका क्या बिगाड़ा, जो आपने हमारा स्कूल उजाड़ा"।
प्राथमिक शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ के ट्रांसफर का मामला
मामला रतलाम जिले के जावरा के रुपनगर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का है। यहां कक्षा 1 से 5 तक के, प्राइमरी के बच्चों को प्राइमरी टीचर बद्रीलाल राठौड़ पढ़ाया करते थे। स्कूल सरकारी था लेकिन पढ़ाई प्राइवेट से अच्छी हो रही थी। पिछले दिनों जब स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के ट्रांसफर हुए तो बद्री लाल जी का भी ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि बद्रीलाल जी ने ट्रांसफर नहीं मांगा था और उनकी कहीं कोई प्रशासनिक जरूरत भी नहीं थी लेकिन शायद किसी और को सेट करना था इसलिए जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रभारी मंत्री के साथ मिलकर बद्री लाल जी का प्रशासनिक आधार पर ट्रांसफर कर दिया। बद्री लाल जी का ट्रांसफर होते ही प्राइमरी के बच्चों के पेरेंट्स चिंता में पड़ गए।
Ratlam: Primary School Children Protest Against Collector and Minister in Charge
पिछले सप्ताह मंगलवार को बच्चों के पेरेंट्स रूपनगर जावरा से रतलाम आए। जनसुनवाई में उन्होंने कलेक्टर मैडम मिशा सिंह से मुलाकात की और सारी बात बताई। निवेदन किया कि, बच्चों के भविष्य का सवाल है, बद्री लाल जी का ट्रांसफर निरस्त कर दिया जाए। कलेक्टर मैडम ने आश्वासन दिया और पेरेंट्स चले गए लेकिन ट्रांसफर कैंसिल नहीं हुआ। विरोध में पैरंट्स ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया। एक सप्ताह से स्कूल खुलता तो है लेकिन कोई भी बच्चा पढ़ने नहीं जाता। जिला शिक्षा अधिकारी पर इसका भी कोई असर नहीं पड़ा। तब आज मंगलवार को जनसुनवाई में प्राइमरी के बच्चे अपने माता-पिता कलेक्टर मैडम से मिलने आ पहुंचे।
बच्चों के हाथ में तिरंगा झंडा, और तख्तियां थी। तख्तियों पर लिखा था- "कलेक्टर मैडम दया करो", "राठौड़ सर का ट्रांसफर वापस करो", "हमने आपका क्या बिगाड़ा, जो हमारा स्कूल उजाड़ा", "रुपनगर का अभियान, राठौड़ सर हैं गांव की शान"। इतने सारे बच्चे अपने पेरेंट्स के साथ आए थे, इसकी उम्मीद शायद कलेक्टर मैडम को भी नहीं थी। जनसुनवाई होने के बावजूद कलेक्टर मैडम बच्चों से मिलने नहीं आई। बच्चे कलेक्ट्रेट परिसर में सीढ़ियों के पास बैठकर कलेक्टर से मिलने की मांग करते रहे। अपर कलेक्टर ब्रजेंद्र रावत ने बच्चों को समझा बुझाकर वापस भेजने का काफी प्रयास किया लेकिन बच्चे कहां मानने वाले हैं।
लगभग 2 घंटे बाद भी जब बच्चे वापस जाने को तैयार नहीं हुए, तब कलेक्टर मैडम ने जिला शिक्षा अधिकारी को बुलाया। यह सब कुछ उनके ही कारण हो रहा था, शायद कलेक्टर मैडम ने कहा होगा कि तुम्हारा मामला है तुम ही संभालो। शायद कलेक्टर मैडम को यह भी लग रहा होगा कि यदि बच्चों के सामने आए तो ट्रांसफर कैंसिल करना पड़ जाएगा, और सब जानते हैं कि स्कूल शिक्षा विभाग में ट्रांसफर कैसे हुए हैं। जब तक प्रभारी मंत्री विजय शाह वापस नहीं करेंगे तब तक कोई भी किसी भी शिक्षक को उसके स्कूल में वापस नहीं कर सकता। प्रभारी मंत्री और जिला शिक्षा अधिकारी दोनों को मिलकर वापस करना पड़ेगा।
रतलाम की नवनियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी ने आज एक बार फिर बच्चों और उनके पेरेंट्स को आश्वासन देकर मामला टालने का प्रयास किया है। सिमरन सूर्यवंशी को बैकअप के लिए शहर एसडीएम तरुण जैन भी मौजूद थे।
बच्चों का कलेक्टर मैडम को अल्टीमेटम: अगले मंगलवार फिर से आएंगे
कलेक्टर मैडम से बिना मिले ही लौट रहे प्राइमरी के बच्चों, ग्रामीणों और परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि आठ दिन के भीतर शिक्षक का तबादला निरस्त नहीं किया गया तो कलेक्ट्रेट परिसर में टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
बद्रीलाल जी में ऐसा क्या है जो उनके लिए आंदोलन हो रहा है
ग्रामीणों के अनुसार रुपनगर का शासकीय प्राथमिक विद्यालय अंग्रेजी माध्यम का स्कूल है। शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ ने अपने निजी खर्च से स्कूल को बेहतर बनाया। बच्चों की पढ़ाई के लिए एक असिस्टेंट प्राइवेट टीचर भी अपने खर्च पर रखा। स्कूल में 65 विद्यार्थी पढ़ते हैं और कई बच्चे धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते हैं। शिक्षक के तबादले की खबर के बाद बच्चे भावुक हो गए थे और कई रो पड़े थे।

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