Facebook पर शिक्षकों को भड़काने वाला प्राथमिक शिक्षक सस्पेंड, FIR के निर्देश

Updesh Awasthee
भोपाल, 23 जुलाई 2026:
मध्य प्रदेश शासन के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा और खास तौर पर शिक्षकों द्वारा ई-अटेंडेंस का लगातार विरोध किया जा रहा है। सरकारी सिस्टम में भी कुछ गड़बड़ी है लेकिन कुछ शरारती तत्व लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं। ऐसे ही एक प्राथमिक शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। ई-अटेंडेंस का विरोध करने के लिए नहीं बल्कि फेसबुक पोस्ट के माध्यम से शिक्षकों को भड़काने का प्रयास करने के लिए। सिर्फ इतना ही नहीं, FIR दर्ज करवाने के आदेश भी दिए हैं ताकि पुलिस इन्वेस्टिगेशन करके बता सके की समाचार सही है या गलत।

मामला मध्य प्रदेश के सागर जिले का है। आदेश के मुताबिक, शिक्षक धीरेंद्र सिंह ठाकुर ने 22 जुलाई 2026 को फेसबुक पर 'डी.एस.टी. ज्ञान एजुकेशन' नामक पेज के माध्यम से एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में सतना जिले के एक शिक्षक की सड़क दुर्घटना में हुई दुखद मृत्यु का संदर्भ देते हुए, शासन की अनिवार्य और महत्वाकांक्षी 'ई-अटेंडेंस' योजना के विरुद्ध दुष्प्रचार किया गया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था कि:- 
स्कूल की जल्दीबाजी में बरती प्राथमिक शाला के प्राथमिक शिक्षक श्री इंद्रभान सिह पिता रामचरण सिह को म टेहना के पास मोटरसाइकिल को अज्ञात वाहन ने ठोकर मारी मौके पर ही दर्दनाक मौत जिला सतना विनम्र श्रद्धांजलि
यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई। 22 जुलाई दोपहर 3:00 बजे से 23 जुलाई रात 9:00 बजे तक लगभग 1000 लोग (जिसमें शिक्षकों की संख्या सबसे ज्यादा है) पोस्ट को लाइक और कमेंट कर चुके हैं। 

स्कूल शिक्षा विभाग का आरोप है कि शिक्षक ने न केवल शासन की छवि धूमिल की, बल्कि अन्य उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भी भ्रमित और गुमराह करने का प्रयास किया है। नियमों का उल्लंघन और विभागीय कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि शिक्षक का यह कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के उपनियमों के विपरीत है और गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
इसके परिणामस्वरूप, म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

होगी पुलिस कार्रवाई 
विभाग ने इस मामले में केवल निलंबन तक ही सीमित न रहकर कड़ा रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सहायक संचालक और विकासखंड शिक्षा अधिकारी बंडा को निर्देशित किया है कि वे संबंधित शिक्षक के विरुद्ध पुलिस थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराएं और इसकी विस्तृत रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत करें।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!