भोपाल समाचार, 25 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अतिथि शिक्षकों को री-जॉइनिंग के लिए 90% ई-अटेंडेंस के नियम से राहत देने के बाद एक और गुड न्यूज़ देने का मन बनाया है। अब अतिथि शिक्षकों को साल में 10 सीएल भी मिलेंगी लेकिन अतिथि शिक्षकों की समस्याओं में से एक बड़ी प्रॉब्लम अभी भी बाकी है जिसे तत्काल निराकरण होना चाहिए।
स्कूल शिक्षा मंत्री का बयान
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा के बाद प्रदेश के अतिथि शिक्षकों के हित में स्कूल शिक्षा विभाग का एक और महत्वपूर्ण निर्णय हुआ है। सिंह के अनुसार, अतिथि शिक्षकों को उनकी कार्य-सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने सत्र के दौरान कुल 10 आकस्मिक अवकाश (CL) प्रदान करने का निर्णय लिया है। अतिथि शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण करते ही 1 दिवस की CL पात्रता होगी। साथ ही हर 30 दिवस का कार्य पूर्ण होने पर 1 अतिरिक्त CL अर्जित होगी। अतिथि शिक्षक सत्र के दौरान उपलब्ध अवकाश में से एक बार में अधिकतम 3 CL ले सकेंगे। इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने के लिए विभाग को निर्देशित किया गया है।
अभी एक बड़ी प्रॉब्लम बाकी है
स्कूल शिक्षा विभाग में इस बार शिक्षकों के ट्रांसफर के दौरान एक बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की भी है जिन्होंने ट्रांसफर के लिए अप्लाई तो किया था लेकिन ट्रांसफर मिलने के बाद भी उन्होंने स्थानांतरण आदेश को स्वीकार नहीं किया और दूसरे स्कूल में रिक्त पद बना हुआ है लेकिन ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाने के कारण एजुकेशन पोर्टल में दूसरे स्कूल पर नियमित शिक्षक के ट्रांसफर के कारण वैकेंसी नॉट अवेलेबल बताई जा रही है। मतलब ट्रांसफर तो ऑनलाइन हुआ है लेकिन रिलीविंग और जॉइनिंग ऑनलाइन नहीं हुई है। इसके कारण जिन शिक्षकों ने अपना स्थानांतरण स्वीकार नहीं किया उनके पदों पर दिक्कत की स्थिति बन गई है। इसके कारण पुराने शिक्षक री-जॉइनिंग नहीं कर पा रहे हैं। सैकड़ो स्कूलों के प्राचार्य द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी गई है, लेकिन अब तक प्रॉब्लम सॉल्व नहीं हुई है।

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