भोपाल समाचार, 2 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की री-ज्वाइनिंग के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया गया। संचालनालय का पत्र क्र./अ.शि./652-653 दिनांक 30.06.2026 के कारण कन्फ्यूजन की स्थिति हो गई थी और सरकार के खिलाफ माहौल बनने लगा था। हालांकि स्पष्टीकरण जारी होने के बाद भी विरोध कम नहीं हुआ है।
MP Guest Teachers: Clarification on Rejoining Triggers Fresh Opposition
संचालक श्री केके द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि, संदर्भित पत्र के बिंदु क्रमांक-2 की कंडिका 2.4 में सत्र में अतिथि शिक्षक 90% या 90% से अधिक ई-अटेंडेंस के आधार पर री-ज्वाइनिंग रिक्वेस्ट कर सकेंगे का उल्लेख किया गया है। उक्त परिपेक्ष्य में स्पष्ट किया जाता है, कि सत्र से तात्पर्य (माह फ़रवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक 90% या 90% से अधिक ई-अटेंडेंस है एवं इसी अवधि का नियमित रूप से मानदेय प्राप्त से है) उक्त कार्यवाही हेतु भविष्य में यह व्यवस्था सम्पूर्ण सत्र की ई-अटेंडेंस के आधार पर की जाएगी। स्पष्टीकरण की पीडीएफ फाइल भोपाल समाचार के टेलीग्राम चैनल (https://t.me/bhopalsamachar1) पर उपलब्ध है तत्काल डाउनलोड कर सकते हैं।
DPI BHOPAL के स्पष्टीकरण में भी अन्याय है
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि, लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारी मनमाने आदेश जारी कर रहे हैं। री-ज्वाइनिंग के लिए यदि रिजल्ट को शर्त बनाया जाए तो समझ में भी आता है, लेकिन अजीब दलील देखिए। यदि 100% रिजल्ट देने वाले अतिथि शिक्षक की अटेंडेंस 89% हो तो उसकी री-ज्वाइनिंग नहीं मिलेगी। जबकि 90% अटेंडेंस वाले अतिथि शिक्षक ने यदि 75 प्रतिशत रिजल्ट दिया है तो भी उसकी नौकरी मिल जाएगी। ऐसा लग रहा है जैसे लोक शिक्षण संचालनालय वालों ने ठान लिया की भली परी शिक्षा व्यवस्था चौपट हो जाए लेकिन हमारे शिक्षक मोबाइल एप्लीकेशन चलते रहना चाहिए।
दूसरा बड़ा पॉइंट यह भी है कि, री-ज्वाइनिंग इस शर्त के बारे में फरवरी 2026 से पहले नोटिफिकेशन जारी किया जाना चाहिए था। अचानक इस तरह से आदेश जारी कर देना तानाशाही के अंतर्गत आता है।
तीसरा पॉइंट यह भी है कि जब अतिथि शिक्षक को किसी आवश्यक काम के कारण छुट्टी लेना पड़ती है तो उसे किसी भी प्रकार(CL/EL/CCL/Maternity Leave/Paternity Leave/Medical) का अवकाश प्रदान नहीं किया जाता। जिसके कारण अतिथि शिक्षक को मजबूरन कभी ना कभी तो अवकाश लेना ही पड़ता है, जिसकी उसे कोई सैलरी भी कटवाना पड़ती है। जबकि नियमित शिक्षकों को कई प्रकार की (CL/EL/CCL/Maternity Leave/Paternity Leave/Medical) छुट्टियां प्रदान की जाती हैं जिसके कारण उनके अटेंडेंस कभी भी 90% से कम ही नहीं होती।

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