भोपाल, 6 जुलाई 2026: सीएम डॉ मोहन यादव ने आज मप्र के लगभग 35 हजार लोगों के रोजगार का इंतजाम कर दिया। कुवैत से 4 लाख टन मछली का एग्रीमेंट हुए है। इसमें 1 लाख टन सब्जी का भी उत्पादन होगा। इस प्रोजेक्ट के कारण 20 हजार लोगों को डायरेक्ट रोजगार और 15 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इस प्रकार 35 हजार लोगों के रोजगार का इंतजाम हो गया।
थोड़ा फायदा सरकार को भी होगा
मप्र शासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में राज्य के मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। प्रदेश में मछली पालन को बढ़ावा देने और मछुआरों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी- ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच 7,430 करोड़ रुपये के निवेश का एग्रीमेंट हुआ है।
आम आदमी के लिए इस समझौते के मुख्य फायदे:
बंपर रोजगार के अवसर: इस नई पहल से प्रदेश में लगभग 35 हजार लोगों को काम मिलेगा। इसमें 15 हजार लोगों को सीधा रोजगार और 20 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से काम के अवसर मिलेंगे।
मछली के साथ सब्जियां भी: इस प्रोजेक्ट के तहत सिर्फ मछली ही नहीं, बल्कि आधुनिक खेती (एक्वापोनिक्स और हाइड्रोपोनिक्स) के जरिए करीब 1 लाख 23 हजार टन सब्जियों का भी उत्पादन किया जाएगा।
मछुआरा समुदाय की तरक्की: मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार मछुआरों और किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। इस समझौते से प्रदेश के मछुआरा समुदाय को अपनी आजीविका चलाने और बेहतर आय प्राप्त करने में बड़ी मदद मिलेगी।
कहां और कैसे होगा काम?
यह पूरा काम मध्यप्रदेश की नई मत्स्योद्योग नीति 2026 के तहत किया जा रहा है। प्रदेश के बड़े जलाशयों जैसे इंदिरा सागर, बरगी, बाणसागर और बारना में मछली पालन की आधुनिक तकनीक 'केज कल्चर' का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे प्रदेश में मछली का उत्पादन 4 लाख टन तक बढ़ने की उम्मीद है।
दुनिया भर में पहुंचेगी मध्यप्रदेश की पहचान
कुवैत की 'ज़बैदी अल-कुवैत फिशरीज' कंपनी का दुनिया के 10 से ज्यादा देशों में व्यापारिक नेटवर्क है। इस समझौते के बाद मध्यप्रदेश से लगभग 6 हजार करोड़ रुपये की मछली विदेश भेजने (निर्यात करने) का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि इससे मध्यप्रदेश देश में मत्स्य निर्यात का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि मध्यप्रदेश में पानी के पर्याप्त स्रोत हैं और यहाँ मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। कुवैत हमारा मित्र देश है और इस विदेशी निवेश से प्रदेश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ेगा।

